लखनऊ-वाराणसी और मनकापुर-अयोध्या-प्रयागराज रेलमार्ग पर बढ़ा संकट
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संवाद न्यूज एजेंसी
अयोध्या। बाराबंकी-अयोध्या-जौनपुर रेलखंड पर चल रहा पटरियों का दोहरीकरण कार्य सर्द मौसम में रेल यात्रियों के लिए मुसीबत बन गया है। शनिवार शाम 6:25 बजे से रविवार शाम 5:25 बजे तक लखनऊ-वाराणसी व मनकापुर-अयोध्या-प्रयागराज रेलमार्ग पर एक भी ट्रेन नहीं चली। रविवार को शाम 5:25 बजे अयोध्या-दिल्ली एक्सप्रेस और 9:30 बजे के बाद वंदे भारत ट्रेन ही चली। यात्री ट्रेनों की जानकारी लेकर लौटते रहे। बड़ी संख्या में पहले से रिजर्व टिकट कैंसिल हुए।
शाहगंज-बिलवाई-तुलसीनगर रेलमार्ग के मध्य दोहरीकरण कार्य की वजह से 17 दिसंबर तक 10 ट्रेनें निरस्त थीं। 20 ट्रेनों का रूट बदला गया था। इसके बाद बाराबंकी पर यार्ड रीमॉडलिंग कार्य के चलते चार और ट्रेनों को निरस्त कर दिया गया। 16 ट्रेनों का रूट डायवर्ट कर दिया गया। ट्रेनों का आवागमन न होने से स्टेशन पर सन्नाटा पसरा हुआ है। शनिवार दिन में भी वाराणसी-लखनऊ रेलमार्ग पर एक भी ट्रेन नहीं चली थी। मनकापुर-अयोध्या-प्रयागराज मार्ग पर मात्र तीन ट्रेनों का ही संचालन हुआ। रविवार को स्थिति और खराब हो गई। सूचना के अभाव में जो यात्री स्टेशन पहुंचे, वह निराश होकर लौट गए। जनरल टिकट की खिड़की खुली जरूर थी, लेकिन टिकट लेना वाला कोई नहीं था। स्टेशन के सूचना बोर्ड पर भी अंकित था कि शाम छह बजे तक कोई ट्रेन नहीं आएगी।
15 जनवरी के बाद के मिल रहे टिकट
ट्रेनों का संचालन न होने से रविवार को अयोध्या व अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन पर दिन में एक भी जनरल टिकट नहीं बिका। आगे की तारीखों के लिए रिजर्वेशन जरूर होते रहे। ज्यादातर टिकट 15 जनवरी के बाद की ट्रेनों के बुक हुए। उत्तर रेलवे के एपीआरओ विक्रम सिंह ने बताया कि ट्रेनों का संचालन न होने से टिकटों की बिक्री पर असर पड़ा है।
सात दिन वंदे भारत का भी बदला रहेगा रूट
रेलवे ट्रैक दोहरीकरण कार्य का असर वंदे भारत ट्रेन पर भी पड़ रहा है। गोरखपुर-अयोध्या-लखनऊ जाने वाली वंदे भारत ट्रेन 19, 21 दिसंबर, 5, 6, 13 व 15 जनवरी को सुल्तानपुर होकर लखनऊ को जाएगी।