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बीएड कॉलेजों को नहीं मिली स्थायी मान्यता

Fri, 19 Jun 2015 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
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डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में शुक्रवार कार्य परिषद की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। संविदा शिक्षकों के मानदेय में बढ़ोत्तरी की गई, तो अतिथि प्रवक्ताओं का भी मानदेय भी बढ़ा दिया गया। साथ ही कर्मचारियों के वेतन में दस फीसदी  की बढ़ोत्तरी की गई है।
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 लेकिन स्थायी संबद्धता चाहने वाले नए बीएड कॉलेजों को झटका लगा है। विवि परिसर स्थित कौटिल्य प्रशासनिक भवन में शुक्रवार दोपहर 12 बजे से कुलपति प्रो. जीसीआर जायसवाल की अध्यक्षता में कार्य परिषद की बैठक आयोजित हुई। इसमें पिछली बैठक की कार्यवृत्ति, परीक्षा व वित्त समिति के निर्णयों के अनुमोदन के साथ नए बीएड कॉलेजों को अस्थायी संबद्धता प्रदान की गई।
 बैठक में सदस्यों के बीच विचार-विमर्श के बाद विवि में कार्यरत करीब 40 संविदा शिक्षकों का मानदेय प्रतिमाह 30 हजार से बढ़ाकर 35 हजार रुपये कर दिया गया। वहीं अतिथि प्रवक्ताओं का मानदेय प्रति लेक्चर 500 रुपये बढ़ा दिया गया। विवि के कर्मचारियों के वेतन में दस प्रतिशत की बढ़ोत्तरी कर दी गई।
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इसके साथ परिसर के तकनीकी संस्थान सहित कुछ अन्य विभागों में आधा दर्जन नए पद सृजित किए गए। आईईटी में प्रशासनिक अधिकारी, डाटा इंट्री आपरेटर, क्लर्क व चपरासी तथा अस्पताल में फिजियोथेरेपिस्ट के पद सृजित किए गए हैं।
 वहीं लगभग 72 नए बीएड कालेजों को अस्थायी संबद्धता भी प्रदान की गई। कुलपति स्तर से की गईं कुछ नई नियुक्तियों का भी अनुमोदन किया गया।  बैठक में कुलपति के अलावा सदस्य नरेश चंद्रा, पूर्व डीजीपी केएल गुप्ता, प्रो. आरएल सिंह, प्रो. एसके गर्ग, डॉ. ऊषा तिवारी, डा. मृदुला मिश्रा, डॉ. शैलेंद्र कुमार, डॉ. एसएन सिंह, डॉ. शिवमूर्ति वर्मा, डॉ. माया चौधरी, डॉ. शिवनायक सिंह, डॉ. नरेंद्र सिंह समेत विवि के कुलसचिव डॉ. एसएल मौर्य, परीक्षा नियंत्रक एएम अंसारी, वित्त अधिकारी आरपी सिंह आदि शामिल रहे।
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