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अवध विश्वविद्यालय में खुलेंगे 13 नए पाठ्क्रम

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अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में 2021-22 के सत्र के लिए 13 नए पाठ्यक्रमों को संचालित करने की तैयारी कर रहा है। विवि का विशेष फोकस अयोध्या को पर्यटन की दृष्टि पर विकसित करने में मददगार बनाने वाले भाषाई कोर्सों को लेकर है। इसमें अवधी, भोजपुरी, जर्मन, चाइनीज, रशियन, जैपनीज, संस्कृति, कोरियन सहित अन्य भाषाओं के पाठ्यक्रम संचालित होंगे। इसके लिए अलग-अलग फैकल्टी भी बनाई गई है। विवि के कुलपति रविशंकर सिंह ने समस्त विभागों से 15 दिन के अंदर प्रपोजल तैयार कर देने को कहा है।
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कुलपति ने कौटिल्य प्रशासनिक सभागार में गुरुवार सुबह 11 बजे विश्वविद्यालय के विभागों के रिस्ट्रक्चरिंग के संबंध में एक बैठक की। बैठक में कुलपति ने समस्त संकायाध्यक्षों, विभागाध्यक्षों, निदेशकों एवं समन्वयकों को अवगत कराया कि परिसर में सत्र 2021-22 से नए पाठ्यक्रम संचालित किये जाने हैं। इस संबंध में सभी से प्रस्ताव मांगे गये हैं।
बैठक में कुलपति ने बताया कि फैकल्टी ऑफ आर्ट्स एंड ह्यूमिनिटी के तहत एमए फिलॉसफी एंड रिलीजन, एमए साइकोलॉजी, एमएम सोशियोलॉजी के प्रस्ताव पर सहमति बनी।
बैठक में इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजूकेशन स्पोर्ट्स एंड यौगिक साइंस के तहत भाषा विज्ञान में सेंटर ऑफ यूरोपियन लैग्वेज में फ्रेंच, जर्मन एवं रसियन, सेंटर फॉर एशियन लैग्वेज कोरियन, जापानी, चाइनीज में स्नातक डिप्लोमा तथा सेंटर फॉर संस्कृत के तहत पाली एवं प्राकृत में एमए पाठ्यक्रम एवं सेंटर फॉर रीजनल लैग्वेज में अवधी, भोजपुरी में डिप्लोमा प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त एमए इन स्टेटेजिक साइंसेज एवं एमए इन इंटरनेशनल रिलेशन पाठ्यक्रम भी खोले जाने हैं।
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बैठक में फैकल्टी ऑफ साइंस के तहत केमेस्ट्री, बॉट्नी, जूलॉजी में एमएससी तथा इंस्टीट्यूट ऑफ अर्थ एंड इंवायरनमेंट साइंस के तहत जियोलॉजी एमएससी, जियो फिजिक्स (एक्सप्लोरेशन एंड मेट्रोलॉजी) में एमएससी पीजी डिप्लोमा, रिमोट सेसिंग एवं जीआईएस डिप्लोमा एवं डिजास्टर मैनेजमेंट, परिसर में फैकल्टी ऑफ लॉ के तहत पांच वर्षीय इंटीग्रेटेट कोर्स, फैकल्टी ऑफ होम एवं न्यूट्रीशन साइंस में एमए, एमएससी एवं पीजी डिप्लोमा कोर्स संचालित किये जाएंगे। बैठक में फैकल्टी ऑफ एजुकेशन के अंतर्गत बीएड पाठ्यक्रम के संचालन के लिए भी निर्णय लिया गया।
बैठक में कुलपति ने संबंधित संकायाध्यक्षों, विभागाध्यक्षों, निदेशकों एवं समन्वयकों से 15 दिन की अवधि में पाठ्यक्रम संबंधित प्रस्ताव प्रस्तुत करने कहा है, जिससे सत्र 2021-22 से नये पाठ्यक्रम का संचालन किया जा सके। बैठक में कुलसचिव उमानाथ, वित्त अधिकारी धनंजय सिंह, मुख्य नियंता प्रो अजय प्रताप सिंह, प्रो. चयन कुमार मिश्र, प्रो. जसवंत सिंह, प्रो. अशोक शुक्ल, प्रो. हिमांशु शेखर सिंह, प्रो. केके वर्मा, प्रो.आशुतोष सिन्हा, प्रो. एसएस मिश्र, प्रो. आरके सिंह आदि उपस्थित रहे।
फैकल्टी ऑफ कामर्स एंड मैनेजमेंट के नाम से जाना जाएगा एमबीए विभाग
कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने बताया कि परिसर में डिपार्टमेंट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट एंड प्रेन्योरशिप का नाम परिवर्तित कर अब फैकल्टी ऑफ कामर्स एंड मैनेजमेंट के नाम से जाना जाएगा, इस पर भी सहमति बनी। इसके साथ ही परिसर में दो केंद्र स्थापित किये जाएंगे जिनमें सेंटर फॉर पाप्यूलेशन, कम्यूनिटी हेल्थ एंड डेवलपमेंट तथा सरदार पटेल सेंटर फॉर नेशनल इंट्रीग्रेशन का नाम प्रस्तावित है। बैठक में इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के तहत बीटेक में फूड एवं इंजीनियंरिंग एवं बी आर्किटेक्चर पाठ्यक्रम एवं इसी क्रम में इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंस के तहत बीफार्मा एवं डीफार्मा के पाठ्यक्रमों के प्रस्ताव पर विचार किया गया।
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