अयोध्या। बाबरी मस्जिद के पूर्व पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने ढांचा ध्वंस मामले में आए फैसले के बाद गुरुवार को कहा कि मुस्लिम समाज को अब किसी बड़ी कोर्ट में जाने की जरूरत नहीं है। मुस्लिम समाज इस फैसले को स्वीकार करे।
इकबाल ने कहा कि सीबीआई कोर्ट ने 28 साल के मुकदमे को समाप्त कर अच्छा किया। आरोपियों को इस फैसले से सुकून की नींद आएगी, अब उनके खिलाफ कोई मुकदमा नहीं है। कहा कि जो मुस्लिम नेता बड़ी कोर्ट में जाने की बात कर रहे हैं, उनको याद करना चाहिए कि बाबरी विवाद में 70 वर्ष लग गए थे फैसले आने में। ऐसे में अब उनको चाहिए कि मुकदमे के चक्कर में न ही पड़ें तो बेहतर होगा।
इससे हिंदू-मुसलमानों के बीच एक टकराव पैदा होगा, जिसको अब हम नहीं चाहते। जो कुछ होना था, वह हो चुका। अब संविधान को देखें क्योंकि कोर्ट ने संविधान के तहत फैसला किया है।
इकबाल अंसारी ने कहा कि अगर हम मुसलमान हैं तो अपने देश के कानून का सम्मान करें। कृष्ण जन्मभूमि मामले को लेकर डाली गई याचिका पर कहा कि मथुरा कोर्ट ने कृष्ण जन्मभूमि की याचिका को खारिज कर बेहतर काम किया है।
मंदिर-मस्जिद का विवाद देश को कमजोर कर रहा है। चंद लोग चाहते हैं कि देश में मंदिर और मस्जिद करके हिंदू-मुस्लिम का विवाद बना रहे, लेकिन हम देश को जोड़ना चाहते हैं। जब हमारे देश में हिंदू मुस्लिम का विवाद नहीं रहेगा तो देश बहुत आगे जाएगा।