अयोध्या की ऐतिहासिक चौरासी कोसी परिक्रमा में देश के विभिन्न प्रांतों के साथ ही नेपाल के श्रद्धालु भी शामिल हैं। शुक्रवार को परिक्रमा करने वालों का यह जत्था यात्रा के छठवें पड़ाव सीताकुंड पहुंच गया। यहां स्थानीय लोगों ने परिक्रमा में शामिल श्रद्धालुओं का फूलमालाओं से स्वागत किया।
चिलचिलाती धूप में चौरासी कोसी परिक्रमा यात्रा पगडंडियों से होते हुए शुक्रवार को तोरोमाफी के सीताकुंड पहुंची। परिक्रमार्थियों का सुरेशचंद्र पांडेय, बबलू पांडेय, दूधनाथ गोस्वामी, प्रधान विजेंद्र पाल, एआर दुबे आदि ने फूलमालाओं से स्वागत किया।
परिक्रमा के संचालक महंथ गयादास जी महाराज ने बताया कि परिक्रमा में लगभग 400 परिक्रमार्थी हिस्सा ले रहे हैं। इस बार उज्जैन में महाकुंभ होने से संख्या कम है। परिक्रमा में उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, नेपाल सहित अन्य कई प्रांतों के श्रद्धालु हिस्सा ले रहे हैं।
झारखंड के 85 वर्षीय भिखारी प्रसाद व नेपाल के 52 वर्षीय शिवशंकर दास परिक्रमा को लेकर काफी उत्साहित दिखे। आस्था की डगर पर दिव्यांगता व भीषण गर्मी भी आड़े नहीं आई। नेत्रहीन शिवदासिनी (60) निवासी रुदौली, सुभाष चौधरी निवासी बस्ती, कुमारी साक्षी निवासी अंबेडकरनगर भी परिक्रमा में शामिल हैं।
अपने परिवार के साथ परिक्रमा में शामिल छात्र रोहित कुमार और उसकी बहन विनीता भी खुश दिखी। सीएचसी की टीम ने मौके पर पहुंचकर परिक्रमार्थियों का स्वास्थ्य चेकअप व दवा वितरित की। सीताकुंड के पवित्र जलाशय की सफाई न होने व जलकुंभी के कारण लोगों को स्नान में परेशानी हुई।
यहां के दुग्धेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी व रामजानकी मंदिर में भजन-कीर्तन चलता रहा। शनिवार सुबह परिक्रमा देवसियापारा व रुरुखास के लिए प्रस्थान करेगी।