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सर्राफ की गला रेत कर हत्या

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अयोध्या। अतिसंवेदनशील अयोध्या नगरी के थाना राजन्मभूमि से महज दो सौ मीटर की दूरी पर उदासीन आश्रम के पास एक युवक का रक्तरंजित शव मिलने से सनसनी मच गई। युवक की गला रेतकर हत्या की गई थी, साथ ही उसके चेहरे को ईंटों से कुचल दिया गया था।
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जहां शव मिला, वहां किसी तरह के संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं, इससे हत्या कहीं और करके शव यहां फेंके जाने का अंदेशा जताया जा रहा है। मृत युवक वर्ष 2012 में हुई अयोध्या के एक व्यापारी की हत्या का आरोपी है, वर्तमान में वो जमानत पर था। मामले में मृतक की पत्नी ने छह लोगों के खिलाफ हत्या का नामजद केस दर्ज कराया है।
अयोध्या कोतवाली के रानोपाली चौकी क्षेत्र अंतर्गत मोहबरा बाजार रोड पर लंगड़ पीर बाबा के स्थान व उदासीन आश्रम के बीच शनिवार की सुबह टहल रहे लोगों ने झाड़ियों में शव पड़ा देखा तो तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव के जेब से मिले कागजातों के अनुसार उसकी पहचान रामनंदन सोनी (35) निवासी सप्तसागर कॉलोनी के रूप में की।
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सूचना पर पहुंचे मृतक के पिता जगदीश सोनी सहित अन्य लोग घटनास्थल पर पहुंचे और शव की शिनाख्त की। हत्या की सूचना पर एसपी सिटी विजयपाल सिंह, सीओ अयोध्या अमर सिंह, कोतवाल अयोध्या सुरेश पांडेय सहित पुलिस बल ने घटनास्थल के आसपास तलाशी ली।
एसपी सिटी ने बताया कि घटनास्थल के आसपास कहीं संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं, इससे आशंका जताई जा रही है कि हत्या कहीं और करके शव यहां फेंका गया है। मृतक की हत्या किसी धारदार हथियार से गला रेतकर की गई है, इसके अलावा उसके चेहरे को ईंटों से कूंचा गया है।
बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं, मृतक के पिता जगदीश सोनी ने बताया कि रामनंदन शुक्रवार की शाम घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। रात भर उसकी खोज की गई, उसका मोबाइल स्विच ऑफ बता रहा था। सुबह पुलिस ने उन्हें घटना की जानकारी दी।
व्यापारी की हत्या का आरोपी था मृतक
सप्तसागर कॉलोनी निवासी जगदीश सोनी की कॉलोनी में ही सराफा की दुकान है। मृतक रामनंदन उनके साथ ही दुकान पर रहता था। सूत्रों के अनुसार रामनंदन सूद पर पैसे देता था। वर्ष 2012 में अयोध्या के एक प्रतिष्ठित व्यापारी परिवार के सदस्य राजकिशोर गुप्त की हत्या की गई थी।
इस हत्याकांड में मृतक आरोपी है, वह जेल भी गया था। वर्तमान में वह जमानत पर था। मृतक के परिवारजनों ने राजकिशोर के बड़े भाई बृृजकिशोर गुप्त समेत उनके परिवार के छह सदस्यों पर हत्या करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि राजकिशोर हत्याकांड में रामनंदन को फर्जी फंसाया गया था, इसको लेकर राजकिशोर का परिवार उनसे दुश्मनी रखता था।
मृतक की पत्नी शचि सोनी ने अयोध्या कोतवाली में तहरीर देकर व्यापारी नेता बृजकिशोर गुप्ता, निक्का, बंटी, प्रशांत, रोली व किशोरी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया है।
मामले में हत्या कहीं और करके शव फेंके जाने की आशंका है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की तलाश की जा रही है। मामले में वर्ष 2012 में हुए एक हत्याकांड की रंजिश का मामला सामने आया है। पुलिस हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है। जल्द ही आरोपी गिरफ्त में होंगे।
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-आशीष तिवारी, एसएसपी अयोध्या
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