जुड़वा शहरों की नगर पालिकाओं को एक करके नगर निगम बनाने की कवायद के तहत शासन के निर्देश पर पालिका क्षेत्र में 13 गांवों को समाहित कर सीमा विस्तार के मुद्दे पर गुरुवार को नगर पालिका बोर्ड की आपात बैठक पालिका में हुई।
चार दिन पहले इसके विरोध के स्वर बुलंद करने वाले सभासदों ने बैठक में सीमा विस्तार के साथ ही डूडा के सफाई कर्मियों से कार्य कराने को हरी झंडी दे दी है।
फैजाबाद-अयोध्या नगर पालिकाओं को जोड़कर नगर निगम बनाने की कवायद के तहत 30 अप्रैल को बोर्ड की आपात बैठक में सभासदों ने एक स्वर में पालिका सीमा विस्तार का विरोध किया था। गुरुवार को बोर्ड की बैठक शुरू हुई तो मात्र दो सभासदों संजय शुक्ल व अभय श्रीवास्तव ने दबे लहजे में विरोध शुरू किया लेकिन चंद मिनट बाद ही सदन का माहौल बदला और।
सभी सदस्यों ने एक स्वर से अयोध्या के विकास का हवाला देते हुए पालिका क्षेत्र का विस्तार करते हुए 13 गांवों को पालिका में समाहित करने के फैसले को हरी झंडी दे दी। इसी तरह पिछली बैठक में प्रशासनिक प्रस्ताव डूडा कर्मचारियों से सफाई कराने की नई व्यवस्था का विरोध करने वाले सभासदों ने इसे भी सही ठहराते हुए स्वागत किया।
हालांकि पालिकाध्यक्ष राधेश्याम गुप्त ने डूडा कर्मियों से सफाई कराने की व्यवस्था को खारिज करते हुए अगली बैठक में चर्चा का प्रस्ताव रखा। सीमा विस्तार के मुद्दे पर चार दिन बाद चेयरमैन व सभासदों से बदले मिजाज पर शासन की नाराजगी का असर साफ दिख रहा था। बैठक में रमेश दास, रमाकांत विश्वकर्मा, दुर्गेश पांडेय, सुशील जायसवाल, व्यंकटेशाचारी, विनोद मिश्र, विवेक मिश्र, रामरती देवी, श्यामजी आदि मौजूद रहे।