गोरखपुर-लखनऊ फोरलेन से सटे अयोध्या के सरयू नया घाट बाई पास की पांच एकड़ भूमि पर नया बस अड्डा बन रहा है। यह बस अड्डा आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। यहां एक साथ 30 गाड़ियां खड़ी हो सकेंगी, साथ ही यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। तीर्थयात्री बसों व यात्री बसों के लिए अलग-अलग टिकट घर भी बनाया जाएगा।
रामनगरी में बस अड्डे की कमी लंबे अरसे से खल रही थी। बिड़ला धर्मशाला के पास बना पुराना बस अड्डा निष्प्रयोज्य पड़ा हुआ था। वहीं, नयाघाट स्थित बस स्टेशन में यात्री सुविधाओं का अभाव होने से बसें रुकती भी नहीं हैं।
इसके चलते बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं व यात्रियों को बस यात्रा करने के लिए 11 किमी. दूर फैजाबाद बस अड्डे तक टैंपो से जाना पड़ता है। अब अयोध्या में नया बस स्टेशन बनने से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
अयोध्या को संवारने के लिए चल रहे 133 करोड़ के विकास कार्यों के अंतर्गत रामनगरी के बाईपास पर जय फिलिंग स्टेशन के बगल बस अड्डे का निर्माण शुरू हो चुका है। यह निर्माण कार्य बहुत पहले ही शुरू होना था, लेकिन जमीन अधिग्रहण में पेच फंसने के कारण कार्य में देरी हुई। अब काम तीव्र गति से शुरू हो चुका है।
कार्यदाई संस्था यूपी राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक प्रमोद यादव ने बताया कि बस अड्डे का काम शुरू हो गया है। पांच एकड़ जमीन पर नया बस स्टेशन बनना प्रस्तावित है। यह स्टेशन आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। बस स्टेशन में एक साथ 30 गाड़ियां खड़ी हो सकेंगी।
बस स्टेशन परिसर में सुलभ शौचालय, कैंटीन, विश्रामालय व यात्रियों के लिए पेयजल की सुविधा विशेष रूप से की जाएगी। आधुनिक टिकट घर का भी निर्माण होगा। अयोध्या आने वाले तीर्थयात्रियों की बसों व यात्री बसों के लिए अलग-अलग टिकट घर बनाएं जाएंगे।
बिड़ला धर्मशाला के सामने पुराने बस स्टेशन परिसर में 16.66 करोड़ से प्रस्तावित मल्टी नेशनल पार्किंग अब बाईपास पर स्थानांतरित हो गई है। बिड़ला धर्मशाला के पास अब सरफेस पार्किंग का प्रस्ताव बनाया गया है।
हालांकि यह योजना अभी अधर में है क्योंकि इस योजना के लिए एएसआई की अनुमति मिलने का इंतजार है। वजह यह है कि पुराने बस अड्डे के समीप सुग्रीव किला स्थित है। जिसे पुरातत्व विभाग ने संरक्षित स्मारक घोषित कर रखा है। वाराणसी से एएसआई की टीम द्वारा योजना का सर्वे किया जाएगा, इसके बाद सरफेस पार्किंग योजना को हरी झंडी मिलेगी।