जिले की सबसे बड़ी पंचायत की बैठक में सोमवार को अपर मुख्य अधिकारी की कार्यशैली पर रुदौली विधायक रामचंद्र यादव भड़क गए। बैठक में हंगामा शुरू हो गया। विधायक सहित कई अन्य सदस्यों ने बैठक के बहिष्कार की घोषणा कर दी।
बाद में मुख्य विकास अधिकारी के हस्तक्षेप और अपर मुख्य अधिकारी के माफी मांगने के बाद बैठक की कार्रवाई आगे बढ़ी। जिला पंचायत ने जिले के ईंट भट्ठा और पशुबाजारों के टैक्स में ढाई गुना की वृद्धि की है।
जिला योजना के लिए ब्लॉकों की रिपोर्ट न आने से यह पास नहीं हो सकी। लगभग साढ़े तीन घंटे चली बैठक में वित्तीय वर्ष 2016-17 की आय-व्यय के साथ कई अन्य बिंदुओं पर भी चर्चा हुई।
आयुक्त कार्यालय के गांधी सभागार में आयोजित जिला पंचायत की बैठक में जनप्रतिनिधियों को एजेंडा भेजने को लेकर हंगामा शुरू हुआ। रुदौली विधायक ने नए ब्लॉक प्रमुखों को एजेंडा न भेजे जाने का मुद्दा उठाया तो अपर मुख्य अधिकारी केके गुप्ता ने इसे भेजने की बात दबाव देकर मनवाने की कोशिश की।
बताया कि शपथ ग्रहण के बाद संशोधित एजेंडा भेजा गया है। इस बीच एमएलसी हीरा लाल यादव से भी एजेंडा न पहुंचने की बात सुनी गई। बैठक में शामिल लोगों की मानें तो सच और झूठ को लेकर विधायक और अपर मुख्य अधिकारी के बीच नोक-झोंक होने लगी।
इसी बीच अपर मुख्य अधिकारी ने विधायक को बैठने के लिए कहा। इस पर वह भड़क गए और बैठक के बहिष्कार की घोषणा कर दी। अन्य कई सदस्य भी उनके साथ जाने लगे तो सीडीओ एके बंगारी ने बीच-बचाव किया।
अपर मुख्य अधिकारी ने माफी मांगी। इसके बाद सदन की कार्रवाई आगे बढ़ी। सदस्यों ने पंचायत की कार्यशैली में घोर लापरवाही की बात भी उठाई। इस बीच जिला पंचायत की समितियों के गठन को लेकर भी सदस्यों ने तरह-तरह की बातें सदन में कही।
बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष श्वेता सिंह ने की। बैठक में विधायक आनंदसेन यादव, लीलावती कुशवाहा, लोकसभा सदस्य प्रतिनिधि हरिपाल वर्मा, सुरेश पांडेय, राज्य सभा सदस्य प्रतिनिधि कृष्ण कुमार पांडेय खून्नू, विधायक प्रतिनिधि स्वामी नाथ वर्मा, जिपं सदस्य इंदूसेन, प्रियंका सेन, दीपू सिंह, तृप्ति पांडेय मौजूद थे।