विकासखंड मवई के लालपुर मजरे रानीमऊ गांव में शारदा सहायक नहर से पहलवान पुरवागांव से निकली छोटी माइनर के सोमवार भोर में कट जाने से डेढ़ सौ बीघा गेहूं-सरसों आदि फसल डूब गई, जबकि आधा दर्जन घरों समेत गांव के प्राथमिक विद्यालय में भी पानी भर गया है।
मासूम बच्चे सुबह पानी से होकर स्कूल जाने को विवश हुए। कटी माइनर को दुरुस्त करने से लेकर सरकारी अमला उदासीन रहा। हालांकि कई ग्रामीणों ने अपने खर्चे से पंपिंग सेट लगा जलनिकासी शुरू की है। साथ ही कटी माइनर भी बांध दी गई है।
सोमवार सुबह विकासखंड मवई के लालपुर मजरे रानीमऊ गांव में माइनर कटने से प्राथमिक विद्यालय सहित डेढ़ सौ बीघा गेहूं-सरसों आदि की फसल डूब गई। इसके अलावा लगभग आधा दर्जन घरों में पानी भर गया है।
गांव निवासी समाजसेवी देव रावत ने ग्रामीणों की मदद से पहले कटी हुई माइनर को बंधवाया। उसके बाद पंपिंग सेट मंगवाकर सबसे पहले विद्यालय में भरे पानी को बाहर करवाया। जिससे विद्यालय में शिक्षण व्यवस्था बहाल हो सकी।
घंटों खड़े अध्यापक व बच्चे स्कूल के अंदर जा सके। उसके बाद ग्रामीणों के घरों में भरे पानी को बाहर करवाया। ग्रामीणों ने बताया कि इसी गांव निवासी शाकिर अली, रामदेव, वासदेव, रामसमुझ व राम अभिलाष के घरों में पानी भर गया था।
फसलें जलमग्न हो गई हैं, जिसकी सूचना ग्रामीणों ने प्रधान रानीमऊ लल्लन प्रसाद को दी थी लेकिन वे मौके पर नहीं गए। प्रधान का कहना कि हमें नहर कटने की जानकारी मिली है। मैं बाहर हूं।
जल्द पहुंच जाऊंगा। एसडीएम रुदौली अशोेक सिंह का कहना है कि जानकारी नहीं है, जल्द ही नहर विभाग व राजस्व के कर्मचारियों को भेजकर दिखवाया जाएगा।