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बंद रहे मेडिकल स्टोर, भटके मरीज

Tue, 30 May 2017 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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- फोटो : अमर उजाला
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दवा दुकानदारों के बंद का ऐलान एकजुटता के अभाव में शहर में मिला-जुला रहा, मगर देहात व कस्बों में पूर्ण बंद सफल रहा। इसके कारण मरीजों को दवा पाने में काफी दिक्कतें हुईं। दुकानें बंद कर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने मांगों को लेकर मंगलवार जुलूस निकाल नगर विधायक, डीएम सहित अन्य को ज्ञापन सौंपा।
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समस्याओं के निदान की मांग उठाई। 
दवा दुकानों के बंद से बीकापुर, सोहावल, रुदौली और मिल्कीपुर तहसील के कस्बों से चट्टी-चौराहों पर सन्नाटा रहा। यहां डॉक्टरों की पर्ची लेकर मरीज भटकते दिखे। जुड़वा शहर में फार्मासिस्ट फाउंडेशन ने बंद का विरोध करते हुए दुकानें खोली, इससे मरीजों को कुछ राहत मिलीं।

बंद करने वाले दुकानदार फैजाबाद केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के बैनर पर शहर के साथ दर्शननगर, मऊशिवाला, रानीबाजार, सोहावल, पूराबाजार, रसूलाबाद, इटौरा, अयोध्या मसौधा व अन्य बाजारों से जिला अध्यक्ष अवी आनंद के नेतृत्व में कुंवर कांप्लेक्स रिकाबगंज में एकत्र हुए।
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यहां वक्ताओं ने कहा कि दवा का व्यापार लगातार समस्याओं से घिरता जा रहा है। सरकार राहत देने के बजाय तमाम तरह के काले कानून लागू करके करीब साढ़े आठ लाख दवा व्यापारियों और इनमें जुड़े करीब 50 लाख कर्मचारियों को बेरोजगार करने को नया कानून लाया जा रहा है।

केंद्र सरकार द्वारा ई-पोर्टल लाया जा रहा है, जिससे दवाओं का अभाव होना निश्चित है। दवा मूल्य में नियंत्रण नीति से केमिस्टों का शोषण होना तय है। फार्मासिस्टों के मुद्दे पर कड़ाई से दवा दुकानें बंद होने के कगार पर है।

मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर समाधान करने का प्रयास करने की बजाए समस्याओं को नजर अंदाज किया जा रहा है। इसके कारण एक दिवसीय हड़ताल करने का निर्णय लिया गया। मांग उठाई कि फार्मासिस्ट द्वारा ड्रग लाइसेंस नवीनीकरण का अभिनव निदान हो, ऑनलाइन फार्मेसी को रोका जाए।

दवा मूल्य नियंत्रण में केमिस्टों के शोषण को रोकने, केंद्रीय दवा कानून संशोधन में दवा विक्रेताओं के विचार सम्मिलित किए जाने सहित अन्य मांग की गई। इसके बाद जुलूस निकाल कलेक्ट्रेट पहुंचे। जिलाधिकारी के  प्रतिनिधि, विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, औषधि अनुज्ञापन अधिकारी व औषधि अधिकारी को ज्ञापन दिया। मीडिया प्रभारी शरद सिंह के मुताबिक इसमें महामंत्री आनंद अग्रहरि, होलसेल प्रभारी राकेश सोनी, मयूरेश, वीरेंद्र जायसवाल, रामखिलावन गुप्ता आदि मौजूद थे।
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