निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज में कक्षाएं शुरू करने की डेड लाइन तय हो गई है। हर हाल में अगले साल जुलाई से एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू होगी। इसके लिए संयुक्त चिकित्सालय दर्शननगर में पांच मंजिला भवन में 200 बेड का एक और अस्पताल बनाने की मंजूरी मिली है। इसमें लेक्चर हॉल होगा। नर्सेज हॉस्टल और जूनियर डॉक्टर हॉस्टल अलग से बनेगा। निर्माण कार्यों का नक्शा स्वीकृत हो गया है।
प्रत्येक दशा में 15 अगस्त से निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज के बजट से लगभग 40 करोड़ की धनराशि खर्च की जाएगी। मेडिकल कॉलेज संचालित होते ही यहां आने वाले मरीजों को सहूलियत मिलेगी और सुविधाएं बढ़ जाएंगी।
प्रदेश में चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए सरकार भी फिक्रमंद दिख रही है। इसके लिए गंजा में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज को शीघ्र ही संचालित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं क्लीनिकल कक्षाओं के लिए जिला अस्पताल के स्थान पर संयुक्त चिकित्सालय दर्शननगर को चुनाव किया गया है। प्रत्येक दशा में जुलाई 2019 में प्रथम बैच का प्रवेश लेकर कक्षाएं शुरू कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जिसके लिए कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। मेडिकल कॉलेज का दर्जा मिलने पर अस्पताल में कम से कम 500 बेड होना अनिवार्य है। संयुक्त चिकित्सालय में 100 बेड पहले से हैं, जबकि 200 बेड के अस्पताल भवन का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। अब मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए यहां और 200 बेड का अस्पताल भवन निर्माण किया जाना है।
इसके लिए पूर्व निर्मित अस्पताल के ओपीडी व इमरजेंसी के मध्य मुख्य मार्ग के दाहिने तरफ पांच मंजिला इमारत बनाने की तैयारी शुरू हुई है। चिह्नित की गई भूमि में करीब 35 करोड़ की लागत से 200 बेड का अस्पताल, ओपीडी ब्लॉक, तीन ऑपरेशन थियेटर, 150 बच्चों के बैठने के लिए लेक्चर हॉल का निर्माण किया जाएगा। जबकि करीब पांच करोड़ की लागत से 32 नर्स व जूनियर डॉक्टर्स के लिए हॉस्टल का निर्माण होगा।
यह बजट मेडिकल कॉलेज के पूर्व निर्धारित बजट में से खर्च किया जाएगा। प्रत्येक दशा में 15 अगस्त से निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी की जा रही है। अब तक सभी कार्यों का नक्शा स्वीकृत हो चुका है और डिजाइनिंग का काम चल रहा है। वहीं गंजा में स्थित परिसर के प्रशासनिक ब्लॉक, लेक्चर हॉल समेत ज्यादातर कार्य पूर्ण किया जा चुका है। नवंबर माह में होने वाले एमसीआई के निरीक्षण में इसे अंतिम रूप देने का लक्ष्य है।
सीएमएस डॉ. घनश्याम सिंह ने बताया कि निर्माण कार्य पूर्ण होने पर नई बिल्डिंग में कार्यालय, इमरजेंसी, आर्थों, मेडिसिन, सर्जरी, गायनी, डेंटल की सेवाएं दी जाएंगी। शेष सेवाएं मरीजों को पुरानी बिल्डिंग से प्राप्त होंगी। इसी उद्देश्य से सीटी स्कैन, एमआरआई की स्थापना के लिए कमरे की मानक के अनुसार मरम्मत की जा रही है। कहा कि मेडिकल कॉलेज चलने से इस परिसर का सही से उपयोग होगा।
राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर डीपी सिंह ने कहा कि संयुक्त चिकित्सालय में करीब 40 करोड़ की लागत से 200 बेड का एक और बनाकर 500 बेड पूर्ण करके मेडिकल कॉलेज की कक्षाएं अगले साल से चलाई जाएंगी। नक्शा स्वीकृत कराकर डिजाइनिंग का काम चल रहा है। प्रत्येक दशा में 15 अगस्त से निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।