वस्तु एवं सेवा कर की नई व्यवस्था के विरोध में शुक्रवार को कारोबार बंद का जिले में मिलाजुला असर रहा। कुछ व्यापारियों ने जीएसटी के विरोध में जुलूस निकाल प्रदर्शन किया। मगर बंद के ऐलान कोई खास असर नहीं देखने को मिला। शहर से देहात तक ज्यादातर दुकानें खुली रहीं।
देश की अर्थव्यवस्था में बदलाव को लेकर आम लोगों से उत्साह है। उन्हें कराधान की नई व्यवस्था से फिलहाल लाभ की उम्मीद है। शुक्रवार की रात 12 बजे से लगने वाले जीएसटी के विरोध में बंद का एलान व्यापारी संगठनों ने किया था। संयुक्त व्यापार मंडल ने इसके विरोध में जुलूस निकाल प्रदर्शन किया।
लोगों से दुकानें बंद कराने की अपील की, मगर इसका आंशिक असर दिखा। व्यापार मंडल के पूर्वांचल प्रभारी जनार्दन पांडेय, महासचिव तारकेश्वर शर्मा, प्रदेश सचिव मो. फैज जिलाध्यक्ष रमेश चौरसिया के नेतृत्व में व्यापारियों ने जुलूस निकालकर शहर की सड़कों पर प्रदर्शन किया।
बाजार बंद कराने की कोशिश की। चौक में डीएम के प्रतिनिधि के जरिए वित्त मंत्री को ज्ञापन भेजा। मांग उठाई कि टेक्सटाइल के साथ कई अन्य पर जीएसटी हटाया जाए। जेल भेजने का प्रावधान समाप्त किया जाए।
दो करोड़ रुपये के टर्न ओवर वाले व्यापारी का तीन माह में एक रिटर्न भरवाया जाए। एमआरपी पर एक बार ही निर्माता से टैक्स लिए जाने के साथ कई अन्य मांगें उठाई।