अयोध्या। ऑल इंडिया हिंदू पर्सनल लॉ बोर्ड के राष्ट्रीय सचिव सहित कई संस्थाओं के पदाधिकारी संत आचार्य देवमुरारी बापू ने रामजन्मभूमि मंदिर निर्माण न्यास के अध्यक्ष महंत जन्मेजय शरण पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। हनुमानबाग में सोमवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए संत देवमुरारी बापू ने आरोप लगाया कि समिति अध्यक्ष ने राममंदिर निर्माण के नाम पर अब तक कई करोड़ रुपये वसूले हैं।
संत देवमुरारी बापू ने कहा कि वे शीघ्र ही न्यास के खातों की जांच कराने के लिए विधिक कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि 24 सितंबर 2019 को रामजन्मभूमि मंदिर निर्माण न्यास के अध्यक्ष ने उन्हें बिना किसी कारण बताओ नोटिस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से बर्खास्त कर दिया था। इससे समाज में उनकी छवि धूमिल हुई है।
इसके चलते देवमुरारी बापू ने 21 नवंबर को मथुरा के न्यायालय में महंत जन्मेजय शरण के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है।
देवमुरारी बापू कांग्रेस सरकार से भी आहत हैं जिसको लेकर वे दिल्ली में दस जनपथ स्थित सोनिया गांधी के आवास के बाहर 10 दिसंबर के बाद धरने पर भी बैठेंगे। उन्होंने कहा कि मुझे लगातार धमकियां भी दी जा रही हैं। ऐसे में शासन-प्रशासन को सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए।
इस बाबत रामजन्मभूमि मंदिर निर्माण न्यास के अध्यक्ष महंत जन्मेजय शरण का कहना है कि देवमुरारी बापू कभी भी न्यास के स्थायी सदस्य थे ही नहीं। वे लगातार न्यास के नियमों के विरोध में काम कर रहे थे। संतों को लेकर अनर्गल बयानबाजी करते थे। इससे न्यास की छवि धूमिल हो रही थी। इसी वजह से पहले तो उन्हें छह माह के लिए निष्काषित किया था, अब उन्हें न्यास से आजीवन के लिए निकाल दिया गया है। न्यास का उनसे कोई लेना-देना नहीं है। उनके सारे आरोप निराधार हैं।