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माननीयों के लिए खुले नामांकन कक्ष के दरवाजे, सैकड़ों घुसे

Mon, 28 Sep 2015 10:42 PM IST
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
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पंचायत चुनाव दबाव रहित और निष्पक्ष हों, इसे लेकर तय की गई आचार संहिता नामांकन के पहले दिन ही तार-तार होती दिखी। तीनों बैरियरों पर सघन तलाशी के बाद प्रत्याशी और प्रस्तावकों को ही नामांकन कक्ष तक जाने का आदेश माननीयों पर लागू नहीं हुआ।
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मंत्री और विधायकों को देखते ही पुलिस और प्रशासन ने कलेक्ट्रेट के तीनों बैरियर खोल दिए गए। ये लोग अपने-अपने प्रत्याशियों का नामांकन कराने के लिए एआरओ के सामने भी सैकड़ों समर्थकों समेत बेधड़क घुसते चले गए। अब उच्चाधिकारी कार्रवाई के लिए एक-दूसरे पर टाल-मटोल करते दिख रहे हैं।

पंचायत चुनाव को लेकर जारी आचार संहिता में स्पष्ट निर्देश हैं कि नामांकन के दौरान सिर्फ प्रत्याशी और प्रस्तावकों को ही कक्ष में जाने की अनुमति रहेगी।

जबकि सूबे के समाज कल्याण मंत्री अवधेश प्रसाद अपने पुत्र अमित प्रसाद का मिल्कीपुर तृतीय का नामांकन कराने पहुंचे, तो पहले बैरियर पर ही दरोगा-सिपाही सलामी दागते दिखे।
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 बैरियर हटा दिया गया, किसी की हिम्मत नहीं हुई कि प्रत्याशी व प्रस्तावक को ही अंदर जाने की इजाजत के आदेश का पालन कराए। नामांकन कक्ष में भी भीड़ खचाखच भर गई। मंत्री बगैर प्रस्तावक के ही नामांकन कराते रहे।

एआरओ ने भी सवाल उठाने की हिम्मत नहीं दिखाई। यही हाल सपा विधायक व पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन का रहा। वे हरिंग्टनगंज से प्रत्याशी इंदू सेन व प्रियंका सेन के समर्थन में आचार संहिता की धज्जियां पहले बैरियर से उड़ाते रहे।

सैकड़ों कार्यकर्ता दूसरा-तीसरा बैरियर भी पार करके नामांकन कक्ष में घुस गए। भाजपा विधायक रामचंद्र यादव भी भयहू कमलेश कुमारी को नामांकन कराने में बगैर प्रस्तावक बने ही खुद व जिलाध्यक्ष रामकृष्ण तिवारी के साथ अंदर मौजूद रहे।

माननीयों के लिए बेरोकटोक प्रवेश पर कई प्रत्याशी सवाल भी उठाते दिखे, मगर उन्हें पुलिस व पीएसी के जवान जल्द परिसर खाली कराने की चेतावनी दे चुप करा दिए।

उधर, आचार संहिता के उल्लंघन मामले में डीएम ने सीआरओ को जिम्मेदार बताया, जिनका मोबाइल स्विच ऑफ रहा। मामले में एडीएम प्रशासन और एडीएम सिटी ने नोटिस जारी करने की बात कही है।
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उधर जनप्रतिनिधियों की ओर से कहा गया कि उन्हें रोका गया होता तो क्यों जाते। न किसी ने रोका न उन्हें आचार संहिता की जानकारी थी।
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