डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा सोमवार को शुरू हुईं। पहली बार करीब एक लाख विद्यार्थियों ने तीन पालियों में परीक्षा दी। सचल दलों ने 73 कॉलेजों में छापा मारा, जहां आठ नकलची पकड़े गए। हालांकि विवि प्रशासन ने हाईटेक निगरानी से लेकर परीक्षा की शुुचिता को लेकर पहले दिन उदासीनता ज्यादा दिखाई।
अवध विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा सोमवार को तीन पालियों में शुरू हुई। परीक्षा केंद्रों पर सुबह परीक्षार्थियों की लंबी कतारें रहीं। साथ ही विवि परिसर से सुबह ही सचल दल अपने निर्धारित रूटों पर निकल पड़े। सचल दलों ने अयोध्या, बाराबंकी, अमेठी, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर व बहराइच के 73 केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया।
इसमें अयोध्या के 20, बाराबंकी के आठ, अमेठी के आठ, अंबेडकरनगर के 19, सुल्तानपुर के 10 और बहराइच के आठ केंद्र शामिल है। इनमें चार महाविद्यालयों में आठ परीक्षार्थी अनुचित साधन का प्रयोग करते हुए पाए गए हैं।
परीक्षा नियंत्रक उमानाथ ने बताया कि बिहारी लाल स्मारक महाविद्यालय आमादरवेशपुर अंबेडकरनगर में एक, श्रीमती कमला रामउदित महाविद्यालय कनकसिंहपुर अमेठी में एक, टीआरसी लॉ कॉलेज बाराबंकी में चार व सिटी लॉ कॉलेज बाराबंकी में दो परीक्षार्थी अनुचित साधन का प्रयोग करते हुए पाए गए हैं।
पहले दिन की परीक्षा में सचल दलों ने 73 महाविद्यालयों का औचक निरीक्षण कर परीक्षा की शुचिता को परखा है। दूसरी ओर विवि के कंट्रोल रूम में ऑडियो युक्त सीसीटीवी से भी निगरानी की गई। आधुनिक टेक्नोलॉजी से लैस कंट्रोल रूम में बारी-बारी से महाविद्यालयों की सीसीटीवी की कंट्रोल रूम से कनेक्टिीविटी चेक की गई।
कुछ महाविद्यालय ऐसे भी पाए गए हैं, जहां पर सीसीटीवी लाइव नहीं रहे। ऐसे महाविद्यालयों को चिह्नित कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि इस बात को बताने से विवि प्रशासन गुरेज करता रहा। इसके अलावा सचल दलों के नंबर ट्रेस कर उनका लोकेशन भी देखा गया है।
बाराबंकी में लॉ कॉलेजों की हो रही सेमेस्टर परीक्षा का बुरा हाल है। एक बार परीक्षा निरस्त होने के बाद दोबारा परीक्षा शुरू हो गई है। यहां अब तक 38 सौ परीक्षार्थियों में से 250 परीक्षार्थी नकल करते पाए गए है। यह सभी पकड़े गए नकलची उड़ाका दल द्वारा ही पकड़े गए है। अचरज की बात यह है कि महाविद्यालयों के आंतरिक दल को कोई नकलची नहीं मिला है।
यह परीक्षा लॉ कॉलेजों की परीक्षा की शुचिता पर सवाल खड़ा कर रहा है।अवध विवि की मुख्य परीक्षा के पहले दिन विवि प्रशासन कॉलेजों में औचक जांच के लिए निकलना तो दूर अधिकांश अधिकारियों के मोबाइल नंबर नहीं उठे। विवि के मीडिया प्रभारी केके वर्मा, प्रति कुलपति एसएन शुक्ल व परीक्षा नियंत्रक उमानाथ के फोन तक नहीं उठे।
कितने परीक्षार्थी बैठे और कितने परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ी, यह आंकड़ा बताने वाला कोई नहीं था। परीक्षा के लिए बना निर्धारित व्हाट्सएप ग्रुप भी मीडिया प्रभारी के द्वारा नहीं किसी अन्य के द्वारा संचालित किया जाता रहा। यह सीधे तौर पर विवि के नियमों के विपरीत व शासन की नीतियों के विरुद्ध है।