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महाशिवरात्रि आज, चार पहिया वाहनों पर प्रतिबंध

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अयोध्या। रामनगरी में महाशिवरात्रि का पर्व आज विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के मध्य मनाया जाएगा। शिव उपासना की धूम होगी। पर्व को लेकर रामनगरी के शिवालयों को भव्यता प्रदान की जा चुकी है।
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रामनगरी में लाखों भक्तों के उमड़ने की संभावना को देखते हुए गुरुवार को चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। साथ ही सुरक्षा भी सख्त कर दी गई है।
महाशिवरात्रि पर्व पर गुरुवार को रामनगरी में हर-हर महादेव की गूंज होगी। आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में शिवभक्त अयोध्या पहुंचकर ऐतिहासिक शिवमंदिरों में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, पूजन-अर्चन कर अपनी आस्था निवेदित करेंगे।
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इसको लेकर जिले भर के शिवालयों को सजाया, संवारा गया है, उन्हें भव्यता प्रदान की गई है। प्रशासन ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया है। आसपास के जिलों बस्ती, गोंडा, हरैया, नबाबगंज सहित ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में भक्तों का रेला उमड़ेगा।
इसको लेकर रामनगरी की सुरक्षा सख्त करते हुए रूट डायवर्जन लागू किया जाएगा। एसपी सिटी विजयपाल सिंह ने बताया कि मुख्य मार्ग पर गुरुवार को चार पहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
स्नानघाटों पर पुलिस के अलावा पीएसी व सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया है। नागेश्वरनाथ सहित अन्य मंदिरों की निगरानी सीसीटीवी के जरिए की जाएगी।
नागेश्वरनाथ मंदिर से हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी महाशिवरात्रि पर्व पर भव्य शिवबरात निकाली जाएगी। नागेश्वरनाथ मंदिर के व्यवस्थापक सभापति तिवारी ने बताया कि बरात में ब्रह्मा, विष्णु, इंद्रादिक देवताओं की भव्य झांकी व लोकनृत्य आकर्षण का केंद्र होंगे।
मंदिर के पुजारी पंडित रामाज्ञा मिश्र ने बताया कि बरात का क्षीरेश्वरनाथ मंदिर पर स्वागत किया जाएगा। इस बार महाशिवरात्रि पर्व पर कई दुर्लभ योग बन रहे हैं।
ज्योतिषियों का कहना है कि महाशिवरात्रि के दिन शिवयोग, सिद्धियोग और घनिष्ठा नक्षत्र का संयोग आने से त्योहार का महत्व और ज्यादा बढ़ गया है। इन शुभ संयोगों के बीच महाशिवरात्रि पर पूजा सर्वोत्तम फलदायक होगी।
ज्योतिषाचार्य आचार्य शिवेंद्र ने बताया कि फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी युक्त चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का त्योहार मनाया जाता है। 11 मार्च गुरुवार को त्रयोदशी और चतुर्दशी मिल रही है।
इस दिन शिव योग, सिद्धि योग और घनिष्ठ नक्षत्र का संयोग बन रहा है। उन्होंने बताया कि 11 मार्च को सुबह 9:24 तक शिव योग रहेगा। इसके बाद सिद्ध योग लग जाएगा, जो 12 मार्च सुबह 8:29 तक रहेगा।
शिव योग में किए गए सभी पूजा-पाठ शुभफलदायक होते हैं। इसके साथ ही रात 9:45 तक घनिष्ठा नक्षत्र रहेगा। आचार्य शिवेंद्र के अनुसार इस साल महाशिवरात्रि पर निशीथ काल में पूजा का मुहूर्त रात 12 बजकर 06 मिनट से 12 बजकर 54 मिनट तक रहेगा।
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पूजा की कुल अवधि करीब 48 मिनट तक रहेगी। पारण मुहूर्त 12 मार्च को सुबह 6 बजकर 36 मिनट से दोपहर 03 बजकर 04 मिनट तक रहेगा।
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