नरसिंह मंदिर के महंत रामशरण दास (75) संदिग्ध परिस्थितियों में विगत 10 जनवरी से लापता हैं। इस मंदिर पर अगस्त में हुए कब्जेदारी के विवाद के बाद से ही दो पुलिसकर्मी मंदिर व महंत की सुरक्षा में तैनात हैं। महंत रामशरण दास ने उस समय मंदिर के ही पुजारी रामशंकर दास पर मंदिर पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए उससे अपनी जान का खतरा बताया था। ऐसे में प्रश्न खड़ा हो रहा है कि पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बाद से महंत कहां लापता हो गए और इसकी सूचना पुलिसकर्मियों ने उच्चाधिकारियों को क्यों नहीं दी।
फिलहाल पुलिस ने सोमवार रात एक स्थानीय नागरिक अंशुमान की सूचना पर गुमशुदगी दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि मंदिर में रह रहे लोगों के अनुसार वह माघ मेले में प्रयागराज जाने की बात कह रहे थे। अब उनका मोबाइल भी स्विच ऑफ बता रहा है। एसपी सिटी मधुबन सिंह ने बताया कि मोबाइल की अंतिम लोकेशन भी प्रयागराज मिली है। उन्होंने बताया कि चौकी प्रभारी स्वतंत्र मौर्य उनकी तलाश में प्रयागराज गए हुए हैं।