मंदिरों में शंख और घंटे-घड़ियाल के साथ नवरात्र पर्व का मंगलवार से आगाज होगा। सुबह 11 बजे से ही कलश स्थापना और वैदिक अनुष्ठानों के बीच मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा शुरू की जाएगी।
इसी के साथ नगर में 24 देवी पंडालों के अलावा बाजारों, गांवों में करीब 750 पंडालों में प्रतिमा स्थापना के बाद भक्तों के लिए पट खुल जाएंगे। नवरात्र के मद्देनजर पूरा शहर देवी-भक्ति के रंग में रंगने लगा है।
व्रत रखने वाले देर रात तक पूजा सामग्री और फलाहार की खरीदारी करने में जुटे रहे। पंडालों की सजावट पूरी होने के करीब है।
केन्द्रीय दुर्गापूजा एवं रामलीला समन्वय समिति के अध्यक्ष मनोज जायसवाल ने बताया कि जिले में करीब एक हजार प्रतिमाएं स्थापित हो रही हैं। नगर में इनकी संख्या 145 के करीब है।
कुल सौ स्थानों पर रामलीलाओं का मंचन होगा। साहबगंज की रामलीला का उद्घाटन रविवार की शाम से हो गया, जबकि नगर में दूसरी रामलीलाओं का मंचन सोमवार से हुआ।
प्रसिद्ध पाटेश्वरी मंदिर, शीतला माता मंदिर, चौक के हट्ठी महारानी मंदिर, गुप्तारघाट के मणि माता मंदिर और जालपा देवी मंदिरों में भी मंगलवार से पूजा अर्चना का क्रम शुरू हो जायेगा।
नगर के श्रीराम जानकी मंदिर फतेहगंज, मोदहा चौराहा, गणेश नगर मकबरा, हौंसिलानगर, मोदहा, फतेहगंज रामजानकी मंदिर, नवीनमंडी, अलीगढ़, खुर्दाबाद, लक्ष्मणपुरी कॉलोनी, महाजनीटोला, अमानीगंज, मां अष्टभुजी दरबार अवधपुरी और धारा रोड कालीबाड़ी सहित 24 दुर्गा पंडालों के कपाट पहले दिन ही भक्तों के लिए खुल जायेंगे।
केन्द्रीय दुर्गापूजा समिति के अध्यक्ष मनोज जायसवाल, प्रमुख संरक्षक विजय कुमार गुप्त, संयोजक राजेंद्र सिंह राजू शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्र में तैयारियों का जायजा लेते रहे।
बताया कि कल तक सभी पंडाल तैयार हो जायेंगे। समितियों के पदाधिकारी और कलाकर जी-जान जुटे हैं। दुर्गा पूजा और मोहर्रम एक साथ पड़ जाने पर उन्होंने यह पर्व शांति और सौहार्द के बीच मनाने का निर्देश दिया है।