अयोध्या। राममंदिर निर्माण के लिए बड़ी-बड़ी मशीनें श्रीराम जन्मभूमि परिसर पहुंच रही हैं। अब नींव खोदाई के लिए भूकंप रोधी रिपोर्ट का इंतजार है, जैसे ही रिपोर्ट आएगी तत्काल नींव का काम शुरू होगा। उधर, एलएंडटी ने परिसर के विश्वामिश्र आश्रम में अपना हाईटेक दफ्तर बनाने का काम भी शुरू कर दिया है। यहां हर तरह की सिविल जांच के तकनीकी साजो-सामान स्थापित किए जा रहे हैं। पहले चरण में 100 मजदूरों के साथ राममंदिर निर्माण का काम प्रारंभ किया जाएगा।
मंदिर निर्माण के लिए एलएंडटी के कुशल इंजीनियर काम में लग गए हैं। बाकायदा परिसर के अंदर ही इन इंजीनियरों के रहने की व्यवस्था की जा रही है। इसी क्रम में सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार श्रीराम जन्मभूमि परिसर स्थित प्राचीन विश्वामिश्र आश्रम में एलएंडटी का कार्यालय खोला जाएगा। जबकि इंजीनियरों के रहने के लिए भी इसी मंदिर सहित मानस भवन में व्यवस्था की जा रही है।
वहीं, मजदूरों के लिए पहले ही होम कंटेनर मंगाए जा चुके हैं। जर्जर मंदिरों की शृंखला में शामिल विश्वामिश्र आश्रम के कुछ ही हिस्सों को गिराया जाएगा। जबकि मंदिर के अधिकांश हिस्से अभी अच्छी स्थिति में हैं, वहां मरम्मत कराकर एलएंडटी हाईटेक साजो-सामान के साथ अपना कार्यालय खोलने की तैयारी में है। यहीं पर इंजीनियरों के भी निवास की व्यवस्था की जा रही है।
जर्जर मंदिरों को हटाने के क्रम में अब तक जन्मस्थान, सीता रसोई, साक्षी गोपाल मंदिर को गिराया जा चुका है। मानस भवन के कुछ हिस्से को गिराने का काम सोमवार को भी जारी रहा। मानस भवन में स्थित मूर्ति को हटाने के लिए भी अभी पेंच फंसा है। दरअसल यहां मूर्ति बड़ी है, जिसे बाहर ले जाने के लिए गाड़ी की आवश्यकता होगी, सुरक्षा के नजरिए से अभी इसकी अनुमति नहीं मिल सकी है।
राममंदिर निर्माण के लिए नींव की खोदाई का काम शीघ्र शुरू कर दिया जाएगा। करीब दो सौ फिट गहरी नींव खोदी जानी है। राममंदिर निर्माण के लिए पांच एकड़ जमीन की खोदाई की जाएगी। जिसका समतलीकरण का काम कर बाकायदा चौहद्दी तय कर दी गई है। ढाई एकड़ में राममंदिर का निर्माण होगा, शेष ढाई एकड़ में कॉरिडोर व अन्य प्रकल्प का निर्माण किया जाएगा। ट्रस्ट का फोकस सबसे पहले राममंदिर निर्माण पर है, अन्य प्रकल्पों के लिए धीरे-धीरे काम होता रहेगा।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि कार्यदायी संस्था एलएंडटी ने अपने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को काम सौंप दिया है। कुछ मशीनें आ गई हैं, कुछ बड़ी मशीनें अभी आनी शेष हैं। संभावना है कि दो से तीन दिन में सभी मशीनें आ जाएंगी। जैसे ही मशीनें आ जाएंगी, नींव खोदने का काम शुरू हो जाएगा। पितृपक्ष समाप्त होते ही राममंदिर निर्माण का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।