अयोध्या। करीब ढाई हजार प्रवासी श्रमिकों को लेकर शुक्रवार को दूसरे दिन दो ट्रेनें फैजाबाद रेलवे स्टेशन पहुंचीं। इनमें पहली ट्रेन पंजाब प्रांत से तो दूसरी ट्रेन गुजरात से आई। दोनों ट्रेनों में अयोध्या के साथ 13 जिलों के रहने वाले प्रवासी श्रमिक शामिल हैं। इन श्रमिकों को भोजन के पैकेट, पानी की बोतल देने के साथ ही हेल्थ स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद सभी को रोडवेज बसों के जरिए उनके जिलों को पुलिस स्कोर्ट के साथ रवाना किया गया।
फैजाबाद स्टेशन पर पहली ट्रेन पंजाब के जालंधर स्टेशन से शुक्रवार दोपहर दो बजे के बाद पहुंची। जबकि दूसरी ट्रेन साबरमती एक्सप्रेस के रूप में लगभग पौने छह बजे यहां पहुंचे। बताया गया है कि इन ट्रेनों पर कुल 13 जिलों के प्रवासी श्रमिक थे। इनमें सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, अमेठी, बाराबंकी, श्रावस्ती, गोंडा, बहराइच, गोरखपुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, आजमगढ़, मऊ और अंबेडकरनगर के श्रमिक शामिल थे।
ट्रेनों के आने की सूचना पर जिलाधिकारी अनुज कुमार झा, एसएसपी आशीष तिवारी, एडीएम डा. वैभव शर्मा प्रशासन और पुलिस के अफसरों के साथ स्वयं यहां मौजूद रहे। अफसरों ने अपनी देखरेख में यहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए श्रमिकों को ट्रेन से उतारा गया।
डीएम ने बताया कि पंजाब के जालंधर से एक ट्रेन व गुजरात के साबरमती से एक ट्रेन आई। दोनों में लगभग 2500 प्रवासी श्रमिकों को लेकर जनपद अयोध्या के रेलवे स्टेशन फैजाबाद पहुंचीं। श्रमिकों को डिब्बे के अंदर बोगी में ही लंच पैकेट तथा पानी की बोतल उपलब्ध कराया।
सभी श्रमिकों को भोजन के बाद सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए उन्हें प्लेटफार्म पर उतरवाया। इसके बाद मेडिकल स्क्रीनिंग व थर्मल स्क्रीनिंग कराई गई। उनका पूरा विवरण जनपदवार बनाए गए 13 काउंटर पर दर्ज किया गया। इसके बाद जनपद अयोध्या को छोड़कर अन्य जनपदों के श्रमिकों को उनको पहले से आवंटित बसों में 28-28 की संख्या में बैठाकर पुलिस एस्कॉर्ट के साथ रवाना किए जाने का काम शुरू किया गया।
इसके लिए बस्ती से 30 और अयोध्या से कुल 70 बसें लगाई गई थीं। श्रमिकों को संबंधित जनपद के जिला मुख्यालय पर बस पहुंचने पर पुलिस स्कॉर्ट द्वारा बसों से भेजे गए श्रमिकों को वहां के जिला प्रशासन के संरक्षण में सुपुर्द कर किया जाएगा। इसके बाद उस जनपद के जिला प्रशासन से भेजे गए श्रमिकों के लिए शासन से निर्धारित गतिविधियों का आगे संचालन किया जाएगा।
जनपद अयोध्या के श्रमिकों को तहसील वार अलग-अलग बसों में सवार कर उनके पूर्ण विवरण के साथ तहसीलों में भेजा गया। जहां एसडीएम के निर्देशन में भेजे गए श्रमिकों की पुन: थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। तहसील में निर्धारित परिसर में ही श्रम विभाग के कर्मचारियों द्वारा प्रत्येक श्रमिकों का पंजीकरण किया जाएगा।
श्रमिकों द्वारा प्रवासी जनपद में क्या-क्या कार्य किया जाता है और उन्हें किस कार्य में महारत हासिल है को एक अलग रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा ताकि इसका एक बैंक अकाउंट तैयार किया जा सके और भविष्य में उन्हें उनके कार्यों के हिसाब से किसी कंपनी या किसी व्यापारिक प्रतिष्ठान द्वारा यदि कोई कार्य हाथ में लिया जाता है उसमें उन्हें लगाया जाए।
बताया कि थर्मल स्क्रीनिंग में स्वस्थ पाए गए सभी श्रमिकों को 14 दिन के राशन किट के साथ उन्हें होम क्वारंटीन के लिए संबंधित ग्रामों में भेजा जाएगा। होम क्वारंटीन किए गए सभी श्रमिकों का डाटा जनपद के कंट्रोल रूम में उपलब्ध रहेगा, जहां से प्रतिदिन उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछताछ की जाएगी। यदि कोई श्रमिक के अंदर किसी प्रकार बीमारी का कोई लक्षण प्रकट होता है तो उन्हें तत्काल आइसोलेशन या क्वारंटीन फैसिलिटी सेंटर में भेजा जाएगा।
होम क्वारंटीन किए गए सभी श्रमिकों की सतत निगरानी के लिए ग्राम निगरानी समिति गठित की गई है जो प्रतिदिन उनके स्वास्थ्य के के बारे में पूछेगी और रिपोर्ट कंट्रोल को देगी। सभी श्रमिको के ट्रेन से उतरने की बाद ट्रेन की प्रत्येक बोगी को सैनिटाइजिंग टीम दोबारा सैनिटाइज कर ट्रेन को वापस भेजा जाएगा।