अयोध्या। विकास भवन में लाइट गुल हो जाने से बुधवार दोपहर लिफ्ट का संचालन अचानक बंद हो गया। इस दौरान लिफ्ट में सवार एक बुर्जुग को दस मिनट तक लिफ्ट में फंसे रह कर परेशान होना पड़ा। दस मिनट की मशक्कत के बाद लिफ्ट का दरवाजा खोलकर बुर्जुग को बाहर निकाला गया।
विकास भवन में बैकअप के लिए जनरेटर की व्यवस्था न होने से लाइट जाते ही लिफ्ट बंद हो जाती है। सामान्य तौर पर ऐसी स्थिति में लिफ्ट का आटोमेटिक सिस्टम उसे ग्राउंड फ्लोर पर लाकर दरवाजा खोल देता है। लेकिन बुधवार को ऐसा नहीं हुआ। करीब 12 बजे एक बुजुर्ग ग्राउंड फ्लोर से थर्ड फ्लोर के लिए चले तो बीच में ही लाइट चली गई। लिफ्ट नीचे नहीं आई। ऐसे में बुजुर्ग ने सारे बटन दबाए तो लिफ्ट में किसी के फंसे होने की सूचना कर्मचारियों को लगी। इस दौरान कई बटनों के साथ छेड़छाड़ के कारण लिफ्ट अटकी रही।
इसकी सूचना पर जिला विकास अधिकारी उपेंद्र पाल ने कर्मचारियों को दौड़ा कर लिफ्ट को तीसरी मंजिल पर खुलवाया तब जाकर लिफ्ट में फंसे बुर्जुग ने राहत की सास ली। डीडीओ ने बताया कि बटन से छेड़छाड़ के कारण वे फंस गए थे। लिफ्ट में कोई तकनीकी खराबी नहीं थी।