इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु व संत-धर्माचार्य मौजूद रहे। पूर्णिमा पर्व पर दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही।
बुद्ध पूर्णिमा से पर्यटन विभाग व आंजनेय सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में शासन स्तर पर महाआरती की शुरूआत होनी थी।
लेकिन जिस घाट पर शाम को आरती का कार्यक्रम प्रस्तावित था वहीं दोपहर स्नान कर रहे 21 वर्षीय छात्र के नदी में डूबने से हुए हादसे के कारण प्रशासनिक स्तर पर आयोजित महाआरती उत्सव कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया था।
गुरुवार को घाट पर मां सरयू की 2100 बत्ती से महाआरती व पूजन-अर्चन के बीच किया गया। महाआरती में श्रीराम बल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास, अनिरुद्धाचार्य, पुजारी रमेश दास, महंत मनमोहन दास, करपात्री महाराज, रामशरण दास गहोई, नरसिंह दास, जयराम दास, नीलमणि आचारी बादल, अभिषेक मिश्र आदि मौजूद रहे।
पूर्णिमा पर्व पर नगरी में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। भोर से सरयू के स्नान घाटों पर स्नानार्थियों का रेला रहा।