घटना की सूचना पर पुलिस व वन विभाग के कर्मी नहीं पहुंचे तो लोगों ने जिलाधिकारी से फोन पर शिकायत की। जिलाधिकारी की फटकार पर पुलिस व वन विभाग के कर्मी पहुंचे और जांच शुरू करके बछिया का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
गांव निवासी देवनाथ यादव ने बताया कि उनकी पांच माह की बछिया व गाय घर के बाहर सरिया में बंधी थी। शुक्रवार देर रात सरिया में बंधी गाय अचानक रंभाने लगी तो, देर तक उसके शोर पर वह बाहर निकले तो देखा कि चितकबरे रंग के दो बड़े जानवर बछिया को खा रहे हैं।
देवनाथ ने इन दोनों जानवरों के तेंदुआ होने की आशंका पर शोर मचाना शुरू किया तो गांव के लोग लाठी-डंडे लेकर पहुंचे। इस बीच दोनों जानवर गांव दत्तीपुर की ओर भाग गया। गांव में दो तेंदुओं के घुसने की खबर पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
ग्रामीणों ने बताया कि घटना की सूचना तत्काल पुलिस व वन विभाग के कर्मियों को दी गई लेकिन घंटों तक कोई नहीं आया। इस पर जिलाधिकारी को फोन पर सूचना दी गई तो उनकी फटकार पर वन विभाग के कर्मचारी सूर्यभान सिंह, सालिकराम यादव, वन दरोगा परमहंस सिंह, जगदंबा यादव मौके पर पहुंचे और इसकी जानकारी वन क्षेत्राधिकारी कुमारगंज जमील राशिद को दी। सूचना पर पहुंचे वन क्षेत्राधिकारी ने जानवर के पग चिह्नों का निरीक्षण किया और बछिया के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।