फैजाबाद से आगे रवाना हुई कैफियात एक्सप्रेस सोमवार की सुबह बड़े हादसे से बाल-बाल बच गयी। ट्रेन गुजरने के दौरान सिटी स्टेशन के पास अचानक पटरी टूट गयी और करीब चार इंच के गैप के ऊपर से पूरी ट्रेन धड़धड़ाते हुए निकल गई। यदि यह तेज रफ्तार ट्रेन हादसे का शिकार होती तो बहुत लोग हताहत हो सकते थे।
ट्रेन गुजरने के दौरान स्टेशन के बोर्ड की रेलवे लाइन लाल हुई तो ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के होश उड़ गए। डिप्टी एसएस-पोर्टर की चेकिंग में एडवांस सिग्नल के पास पटरी टूटी पाई गई। इसकी वजह से अयोध्या में तीन ट्रेनों को रोक दिया गया। ट्रैक मरम्मत के बाद सभी ट्रेनें डेढ़ से दो घंटे बाद रवाना हुईं।
ट्रैक टूटने की यह घटना आचार्य नरेंद्रदेव नगर (सिटी स्टेशन) के पूरब ओवर ब्रिज के पास एडवांस सिग्नल के आगे हुई। डाउन दिल्ली-आजमगढ़ सुबह 6:52 बजे फैजाबाद से अयोध्या के लिए थ्रो रवाना हुई थी। ट्रेन सुबह 7:03 बजे सिटी स्टेशन से तेज रफ्तार से जा रही थी।
किमी. संख्या 964/7 के पास लगे एडवांस सिग्नल से ट्रेन आगे बढ़ी तभी दबाव में ट्रैक टूट गया। स्टेशन के बोर्ड में जल रही रेलवे लाइन की लाइट अचानक लाल हो गयी तो सभी सहम उठे। ड्यूटी कर रहे उप स्टेशन अधीक्षक पोर्टर के साथ खुद भी पता लगाने निकल पड़े।
इस बीच अयोध्या में सुबह 7:00 बजे अप मुजफ्फरपुर-सूरत एक्सप्रेस पहुंच गयी। सिटी स्टेशन को इसे गुजारने का कंट्रोल से निर्देश हुआ तो स्टेशन से मना कर दिया गया। कंट्रोल को ट्रैक फ्रैक्चर होने, ट्रेन न ले पाने की जानकारी देने के साथ इंजीनियरिंग विभाग को अवगत कराया गया।
अयोध्या के स्टेशन अधीक्षक जीपी सिंह ने बताया कि ट्रैक खराब होने से अप मुजफ्फरपुर-सूरत सुबह 7:00 से 8:40 बजे तक, अप कोलकाता-जम्मू तवी 7:30 से 8:55 बजे तक तथा डाउन मनकापुर-इलाहाबाद सरयू एक्सप्रेस सुबह 7:45 से 9:15 बजे तक अयोध्या में खड़ी रहीं।
ट्रैक सही होते ही ट्रेनों को इन्हें रवाना किया गया। उधर, आचार्य नरेंद्रदेव नगर के उप स्टेशन अधीक्षक एमएन मिश्र ने बताया कि ट्रैक टूटने की सूचना सुबह सवा सात बजे तक कंट्रोल रूम, इंजीनियरिंग विभाग व दूसरे स्टेशनों के सभी जिम्मेदारों को दे गई थी।
इंजीनियरिंग विभाग के पीवे प्रेम कुमार ने मेटों के साथ पहुंचकर टूटे ट्रैक में क्लैंप बांधा। सुबह 8:50 बजे के करीब घटनास्थल से पहली ट्रेन के रूप में मुजफ्फरपुर-सूरत एक्सप्रेस रवाना हुई।