गुमनामी बाबा उर्फ भगवनजी की असलियत जानने के लिए गठित जस्टिस विष्णु सहाय आयोग ने राम कथा संग्रहालय ले जाए गए सामानों की जांच का काम शुरू कर दिया है। दो बक्सों में रखे दांत, सिगार व चश्मे सहित सौ सामानों की जांच की गई। उन्होंने बताया कि अब तक 35 लोगों ने बयान दर्ज कराया है।
उन्होंने कहा कि आयोग का गठन फैजाबाद के राम भवन में रहने वाले गुमनामी बाबा उर्फ भगवनजी की पहचान के लिए किया गया है। लोगों से उनके बारे में दिए जा रहे बयान और वहां से मिले सामानों की जांच के आधार पर पता चलेगा की वे कौन थे। इसके पूर्व वह अयोध्या के राम कथा संग्रहालय पहुंचे।
यहां फैजाबाद कोषागार से लाए गए सामान रखे गए हैं। उन्होंने छह बक्सों में से बक्सा नंबर एक और छह के लगभग सौ सामानों को निरीक्षण किया। बताया गया कि इन बक्सों में से निकले दांत, सिगार, टेप रिकॉर्डर, चश्मा सहित अन्य सामान थे।
उन्होंने बारीकी से इन सामानों के नए-पुराने और किस तरह के सामान हैं, इसके बारे जांच पड़ताल की। बुधवार को किसी ने भी बयान नहीं दर्ज कराया। जांच में उनके साथ आयोग के सचिव, सिटी मजिस्ट्रेट आरए पटेल, प्रशासनिक अधिकारी सतवंत सिंह सेठी, निदेशक राम कथा संग्रहालय योगेश कुमार, शक्ति सिंह सहित अन्य लोग थे।