प्रकृति बस आगामी 27 नवंबर तक जिले के शहर से देहात तक भ्रमण कर जैव विविधता के विभिन्न पहलुओं से रुबरु कराएगी। प्रदेश की जैव विविधता पर आधारित इस मोबाइल प्रदर्शनी को प्रदेश जैव विविधता बोर्ड व लखनऊ विश्वविद्यालय के सहयोग से सेंटर फॉर इनवॉयरमेंट एजूकेशन की ओर से तैयार किया गया है। वनाधिकारी डॉ. रवि कुमार सिंह ने उद्घाटन के बाद प्रदर्शनी बस को हरी झंडी दिखाकर क्षेत्र भ्रमण के लिए रवाना किया।
सीईई लखनऊ के प्रोजेक्ट आफिसर मुकेश शुक्ला ने बताया कि मोबाइल प्रदर्शनी के छह विभिन्न भागों में प्रदेश के इको क्षेत्र तराई, बुंदेलखंड, विंध्य, गंगा का मैदान और भांभर क्षेत्र, पांच प्रमुख नदियों व इनमें पाई जाने वाली डाल्फिन, घड़ियाल, गांगेय, सूबे के वेटलैंड में मिलने वाले जीव-जंतु, पेड़-पौधे व प्रवासी पक्षियों, कृषि उपज फल-सब्जी व पशुओं भेड़, गाय, बकरी व कीटों, संरक्षित उद्यान व वन विहार तथा इनमें पाए जाने वाले बाघ-हाथी को दर्शाया गया है।
साथ ही जैव विविधता के खतरों, पेड़ों की अधाधुंध कटान, कीटनाशकों का प्रयोग, जंगली जीवों का शिकार और जैव विविधता बोर्ड की ओर से संरक्षण के लिए किए जाने वाले प्रयासों की जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
शहर के जिंगल बेल एकेडमी पहुंचने पर वरिष्ठ क्षेत्र प्रभारी पर्यावरण शिक्षण केंद्र प्रीति रावत, प्रोजेक्ट आफिसर सीईई नेहा सिंह व प्रोजेक्ट एसोसिएट शुभि शर्मा की ओर से इंटर के छात्र-छात्राओं को जैव विविधता के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। इस अवसर पर राममूर्ति वर्मा, बुद्धिपाल, लालजी दूबे, सहदेव प्रसाद, अब्दुल कादिर, जगदंबा प्रसाद वर्मा, कमलेश प्रसाद वर्मा, कैलाश नाथ चौहान आदि मौजूद रहे।