इसमें विभिन्न दलों, संगठनों के साथ आम लोग भी शामिल थे। गंाधी पार्क पर सिटी मजिस्टेट के माध्यम से मुख्यमंत्री और राज्यपाल का एक ज्ञापन भी सौंपा गया।
इस मौके पर बनवीर सिंह ने कहा कि जगेन्द्र की हत्या लोकतंत्र को कमजोर करने वाली घटना है। राजेन्द्र सोनी ने घटना को सीधे-सीधे लोकतंत्र की हत्या बताया। पुनीत मिश्रा, विनय प्रकाश, अनूप कुमार, अरविन्द, संजय, भूपेन्द्र, प्रमोद आदि ने इस मामले में सरकार से त्वरित और प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
विरोध मार्च में शामिल भाजपा संासद लल्लू सिंह ने जगेन्द्र की हत्या व अन्य घटनाओं को प्रदेश में आपातकाल की तरफ बढ़ता कदम बताया। बसपा के बलराम मौर्या ने प्रदेश में बढ़ रहे जंगलराज को इसका जिम्मेदार बताया।
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रामदास वर्मा ने कहा कि सपा सरकार अपराध और अपराधियों का बचाव करना छोड़ दे तो ऐसी घटनाएं पर रोक लगे।
आम आदमी पार्टी के सभाजीत सिंह ने कहा कि प्रदेश में गुंडों और माफियाओं का बोलबाला है। विरोध मार्च में पत्रकार रवींद्र प्रताप सिंह, डॉ. दिनेश मिश्रा, कमलेश श्रीवास्तव, अशोक तिवारी, ब्रजेश कुमार, भाजपा नेता अवधेश पाण्डेय, अखण्ड प्रताप, गुफरान सिद्दीकी, नदीम रजा समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।