केंद्र सरकार के नोटबंदी के फरमान के बाद से जनधन खातों में ज्यादा रकम किसने जमा की, इसका बैंक प्रबंधन आंकड़े जुटा रहा है। करीब पौने दो लाख जनधन खातों को खंगाला जा रहा है। आरबीआई ने जनधन खातों में अधिक नगदी जमा होने पर ब्यौरा मांगा है।
सभी बैंक अपने स्तर से आरबीआई को आंकड़ा भेजेंगे। एलडीएम का कहना है कि पहले से ही जनधन खातों पर नजर रखी जा रही थी, बैंक प्रबंधन ब्लैक मनी जमा करवाने वालों को रोकता-टोकता रहा है।
आरबीआई ने जनधन खातों में मंगलवार तक देश में 21 हजार करोड़ रुपये जमा करने की जानकारी दी है। यहां जिले में कुल पौने दो लाख जन धन खाते खोले गए थे। पंजाब नेशनल बैंक शाखा रौजागांव के शाखा प्रबंधक एचएस रावत ने बताया कि जो भी बैंक में लघु बचत खाते हैं, उनमें पैसा नहीं जमा किया जा रहा है।
जन धन खातों में भी पैसा नहीं जमा किया जा रहा है, निकासी अन्य खातों की भांति की जा रही है। इस शाखा में जनधन के लगभग 800 खाते हैं, सभी खातों पर पैसा जमा करने को लेकर निगरानी बरती जा रही है।
शहर में पीएनबी विकासभवन शाखा के प्रबंधन अनमोल का कहना है कि हमारे यहां 150 खाते हैं, किसी में भी हजार व पांच सौ रकम दो-चार हजार से अधिक जमा नहीं करने दी गई है।
लीड बैंक मैनेजर ओपी शुक्ला का कहना है कि जनधन खातों में नोटबंदी के बाद से जमा रकम का कोई कंपाइल आंकड़ा नहीं बना है।
सभी बैंक अपने स्तर से आरबीआई को आंकड़ा भेज रहे हैं। जनधन खाते पर निगाह रखी जा रही है। सतर्कता के पहले ही निर्देश दिए गए थे, इसी वजह से माफिया आदि ब्लैक मनी नहीं जमा करवा पाए हैं।
यदि कहीं मामला सामने आएगा तो कार्रवाई होगी। जिन खाता धारकों ने अपने अकाउंट में तय सीमा से अधिक रकम जमा कराई है उनके खिलाफ न केवल आयकर कानून की गाज गिरेगी बल्कि उनका नाम बीपीएल सूची से भी हट जाएगा।