समय-समय पर धर्म संप्रदाय व जाति विशेष पर भड़काऊ कमेंट चर्चा में आते रहे हैं। पोर्न फोटो व वीडियो की तो सोशल मीडिया पर बाढ़ आई हुई है। वहीं जांच व कार्रवाई का जिम्मा उठाने वाली एजेंसियों की कार्यप्रणाली अभी पूरी तरह अपटेड नहीं हो पाई है।
पुलिस महानिदेशक की ओर से जिले में प्रकाश में आई एक घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ऐसा करने वालों पर रासुका के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। हालांकि यह चेतावनी कितनी कारगर होगी तथा संबंधित एजेंसियां ऐसे कृत्य पर कितना लगाम लगा पाएंगी? यह तो समय ही बताएगा।
आईटी एक्ट के तहत इस वर्ष अभी तक चार मामले दर्ज किये गये हैं। वहीं गत वर्ष आठ मामले दर्ज किये गये थे। एसओजी तोड़कर डीजीपी के निर्देश पर क्राइम ब्रांच का गठन किये जाने के बाद इसी ब्रांच में ऑपरेशन, जांच, सर्विलांस आदि सेल बनाई गई। अब आईटी एक्ट की विवेचना क्राइम ब्रांच की विवेचना शाखा करती है और सहयोग सर्विलांस सेल की ओर से उपलब्ध कराया जाता है।