अयोध्या। ग्रामीण इलाकों में बिजली के ढीले तारों के आपस में टकराने से हो रही आगजनी की घटनाओं को देखते हुए अग्निशमन विभाग ने पॉवर कॉर्र्पोरेशन को पत्र लिख ढीले तार तुरंत कसवाने के लिए कहा है।
पत्र में लिखा गया है कि वह खेतों व घरों के ऊपर से जा रहे ढीले तारों को दुरुस्त करवाएं साथ ही अगर बिजली कटौती करना हो तो दिन में करें। एक माह में आग की घटनाओं से करीब 100 बीघा तैयार फसल जलकर राख हो चुकी है।
आग की इन घटनाओं का मुख्य कारण बिजली के हाईटेंशन तारों का ढीला होना, इससे शॉर्ट सर्किट से निगली चिंगारी ही सामने आई है। गर्मी बढ़ने के साथ ही आग ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है।
एक माह में करीब 100 बीघा खेतों में खड़ी फसल आग से जलकर राख हो चुकी है। यहीं नहीं कई घर और गृहस्थी का सामान भी जलकर राख हो गया। इनमें से 90 फीसदी घटनाएं हाईटेंशन तारों के जर्जर होने व उनके शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी से हुईं।
सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र मिल्कीपुर, सोहावल, गोसाईगंज बीकापुर व मवई हैं। जहां फायर ब्रिगेड की गाड़ियां दौड़ तो रही है लेकिन पछुवा हवा की गति इतनी तेज है कि आग बुझने के पहले बहुत कुछ राख हो जा रहा है।
जिले की तीन तहसीलों मिल्कीपुर, रुदौली, सोहावल और बीकापुर में सीजनल अग्निशमन केंद्र है। मार्च से लेकर जून तक इन क्षेत्रों में आग का कहर ज्यादा बरपता है।
आग पर काबू पाने के लिए अग्निशमन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से पर्याप्त इंतजाम करने के दावे तो किए जाते रहे हैं लेकिन जब आग लगती है तो इन दावों की पोल खुल जाती है।
फिलहाल अग्निशमन विभाग सूचना मिलते ही पहुंचने की कोशिश करता है लेकिन उसके पास ड्राइवरों समेत अन्य संसाधनों की कमी है। बावजूद इसके आग से बिगड़ रहे हालात को संभालने में अग्निशमन कर्मी दौड़ लगा रहे हैं।
आग लगने के कारण हो रही हानि के पीछे अग्निशमन विभाग के साथ ही लोगों की अज्ञानता और लापरवाही भी जिम्मेदार है। आग लगने की सूचना देने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम हर जगह मौके पर नहीं पहुंच पा रही है।
आग की घटना होने पर क्षेत्रों में पानी की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं होती है। इंडिया मार्का हैंडपंप के जरिए स्थानीय स्थल पर पानी की व्यवस्था हो जाती है जबकि मनरेगा के तालाब तो लगभग हर जगह सूखे हुए हैं, यह बात दीगर है कि कागजों में पानी भरने की कार्रवाई शुरू करने का दावा किया जा रहा है।
आग से बचने के लिए करें यह उपाय
- खेत में आग लग जाए तो ट्रैक्टर से आग से थोड़ा आगे जोतना शुरू कर दें जिससे कि आग थम जाए।
- आग को आगे बढ़ने से रोकने के लिए उसे डंडे से पीटना चाहिए।
- खेत-खलिहान और घर के पास सजगता बरतें।
- बिना बुझाए बीड़ी, सिगरेट के टुकड़ों को न फेंके।
- घर में बिजली के कटे तारों को तुरंत बदले, एक ही स्विच में कई यंत्र न लगवाए।
- ग्रामीण क्षेत्रों मेें तालाबों आदि में हमेशा पानी भरा रखें।
- खेत व घर के ऊपर से यदि हाइटेंशन तार गुजर रहा हो और वह ढीला हो तो नजदीकी विद्युत कार्यालय से संपर्क कर उसे कसवाएं।
- बिजली से आग लगने पर सबसे पहले बिजली के मेन स्विच को ऑफ करें।
आग लगने पर यहां करे कॉल
स्थान फोन नंबर कार्यक्षेत्र
जनपद मुख्यालय फायर स्टेशन पुलिस लाइन 112, 9454418709, 9454418708 कोतवाली नगर, कोतवाली अयोध्या, थाना कैंट व रामजन्मभूमि व पूराकलंदर।
फायर स्टेशन सोहावल 9454418710 थाना क्षेत्र रौनाही।
फायर स्टेशन मिल्कीपुर 9454418711, 7355791474 थाना क्षेत्र इनायतनगर, खंडासा व कुमारगंज।
फायर स्टेशन बीकापुर 7275609509, 9838555990 थाना क्षेत्र बीकापुर, तारुन व हैदरगंज।
फायर स्टेशनल रुदौली (भेलसर) 8299707783, 9450942679 थाना क्षेत्र रुदौली, मवई, पटरंगा।
फायर स्टेशन अयोध्या 9451098490 थाना क्षेत्र श्रीराम जन्मभूमि व कोतवाली अयोध्या।
फायर सर्विस यूनिट महाराजगंज 9919520007, 7310190701 थाना क्षेत्र गोसाईगंज व महाराजगंज।
आग से फसलों को बचाना है तो पॉवर कॉर्पोरेशन को ही एहतियात बरतना होगा। विभाग को पत्र लिखकर कहा गया है कि वो ढीले तारों को दुरुस्त कराएं। साथ ही बिजली कटौती करनी हो दिन में करें। आग की ज्यादा घटनाएं तारों के टकराने से होती रहती हैं। गर्मी की दोपहरी व पछुवा हवा से ये चिंगारी शोला बन जाती है। अग्निशमन विभाग के पास संसाधन कम हैं। जिसके कारण परेशानी आती है। आग लगने की सूचना पर तत्काल फायर ब्रिगेड का दस्ता मौके पर भेजा जाता है लेकिन जब घटनाएं ज्यादा होने लगती है तो उसके अनुकूल हर जगह समय से पहुंचने में मुश्किल होती है।- राजकिशोर राय, मुख्य अग्निशमन अधिकारी अयोध्या।