अयोध्या। महिलाएं कही भी अपने आपको असुरक्षित महसूस करें तो तत्काल 112 नंबर पर कॉल करें। मिशन शक्ति अभियान की शुरुआत से अब तक जनपद अयोध्या में 112 नंबर पर कॉल करने वाली 398 महिलाओं को सहायता पहुंचाई गई है। इसमें छेड़खानी, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न व अन्य पारिवारिक विवाद के मामले शामिल थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन पर नारी सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे अभियान मिशन शक्ति के तहत जनपद अयोध्या में 12 अक्तूबर 2020 से अब तक 398 महिलाओं को सहायता पहुंचाई गई। सहायता प्राप्त करने वाली इन महिलाओं ने 112 नंबर की सहायता ली। ज्यादातर पीड़ित महिलाओं को पीआरवी ने तत्काल सहायता प्रदान की। पीड़ित महिलाओं की शिकायतों में छेड़खानी, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न व अन्य पारिवारिक विवाद के मामले शामिल थे। उदाहरणार्थ शहर के एक वैवाहिक कार्यक्रम में दहेज की मांग को लेकर वर पक्ष वाले दबाव डाल रहे थे। काफी मान मनौव्वल के बाद वह किसी तरह शादी करने को राजी हुए, इसके बाद दुल्हन ने शादी से इनकार कर दिया। उसने 112 नंबर पर कॉल कर सहायता मांगी, मौके पर 5 मिनट के अंदर महिला पीआरवी पहुंची और दूल्हा, उसका दोस्त व पिता हवालात पहुंच गए। इसी तरह अन्य कई मामलों में पुलिस ने मौके पर पहुंच महिलाओं को सहायता पहुंचाई।
महिला शक्ति अभियान के तहत पुलिस महिलाओं को उनकी सुरक्षा के प्रति जागरूक तो कर रही है साथ उनके अधिकारों को भी बता रही है। जनपद स्तर पर चलाए जा रहे अभियान में महिलाओं को 112, 1090, 181 समेत अन्य नंबरों के बारे में भी जानकारी दे रही है।
जनपद में 5 महिला पीआरवी व 50 पीआरवी तैनात
यूपी-112 की 45 सौ पीआरवी रात-दिन प्रदेश में आम जनमानस की सुरक्षा के लिए तत्पर हैं। महिलाओं में सुरक्षा का भाव उत्पन्न करने के लिए पूरे प्रदेश 300 महिला पीआरवी यूपी-112 की ओर से संचालित की जा रही हैं। अयोध्या जनपद के पांचों सर्किल में 50 पीआरवी वाहन तैनात किए गए हैं, इनमें प्रत्येक सर्किल में एक-एक महिला कुल 5 पीआरवी तैनात हैं। यूपी-112 प्रभारी मिथिलेश श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद में 513 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं, इसमें 272 पुलिस के दारोगा, मुख्य आरक्षी, आरक्षी व 241 होमगार्ड के जवान शामिल हैं। महिला पीआरवी पर एक कमांडर व दो महिला आरक्षी तैनात किया गया है। बताया कि आटो डिस्पैच सिस्टम के तहत अब मात्र 13 मिनट के अंदर पीआरवी सहायता करने को पहुंच रही है। बताया कि रात्रि में अकेली महिला को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए महिला स्कार्ट की सुविधा शुरू की गयी है। गांव हो या शहर कोई भी महिला रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक इस सुविधा का लाभ ले सकती है।
महिलाओं को सुरक्षित माहौल देना उद्देश्य
मिशन शक्ति की नोडल अधिकारी, सीओ पशिक्षु श्रुति गुप्ता ने बताया कि मिशन शक्ति अभियान के माध्यम से प्रदेश भर की महिलाओं को सुरक्षित माहौल प्रदान करना हमारा उद्देश्य है। मिशन शक्ति का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के साथ-साथ उनको स्वावलंबी बनाना भी है। बताया कि कोई महिला पुलिस की मदद लेने के लिए 1090 पर कॉल करती है तो उसकी कॉल यूपी-112 पर स्थानांतरित कर दी जाती है। स्वरोजगार के लिए किसी तरह की मदद चाहने वाली महिलाओं की कॉल को 112 से 181 पर स्थानांतरित किया जाता है।