डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। अभी भी कई प्रवेश प्रतिबंधित महाविद्यालय विवि की गणेश परिक्रमा कर रहे हैं। इन कॉलेजों की लापरवाही के कारण सैकड़ों छात्रों का भविष्य अधर में है। विद्यार्थियों का दाखिला लेने के बाद इनको परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिल पाई है। विवि प्रशासन ने बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा शुरू होने के बाद किसी भी प्रकार की कोई अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी।
अवध विवि प्रशासन ने जुलाई माह में शिक्षक व प्राचार्य प्रक्रिया पूर्ण न करने वालेे 131 महाविद्यालयों के प्रवेश प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। विवि प्रशासन ने यह कहते हुए रोक लगाई थी कि बार-बार नोटिस के बावजूद भी 131 महाविद्यालय शिक्षक व प्राचार्य अनुमोदन की प्रक्रिया को पूर्ण नहीं कर रहे हैं। प्रवेश प्रक्रिया प्रतिबंधित किए जाने के बाद बड़ी संख्या में महाविद्यालयों ने अपने शिक्षकों का डाटा सत्यापित कराते हुए प्राचार्य का अनुमोदन कराया था।
बावजूद इसके 50 महाविद्यालयों ने न तो अपने शिक्षकों का डाटा सत्यापित कराया न ही प्राचार्य का अनुमोदन कराया। लेकिन परीक्षा के नजदीक आते ही 16 से अधिक महाविद्यालयों ने विवि की गणेश परिक्रमा शुरू कर दी। इन 16 महाविद्यालयों ने प्रवेश प्रतिबंधित होने के बाद भी अपने कॉलेजों में दाखिला प्रक्रिया पूर्ण कर ली थी। परीक्षा से कुछ दिन पूर्व ही अचानक विवि प्रशासन की ओर से परीक्षा समिति की बैठक में प्रवेश प्रतिबंधित 16 महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को परीक्षा में सम्मिलित होने की अनुमति प्रदान कर दी गई।
विवि का प्रशासन का तर्क यह है कि छात्र हित को देखते हुए महाविद्यालयों में प्रक्रिया पूर्ण किए जाने के आश्वासन पर अनुमति प्रदान की गई है। इसके बाद अब परीक्षाएं शुरू हो चुकीं है। अभी भी कई प्रवेश प्रतिबंधित महाविद्यालय विवि का चक्कर लगा रहे हैं। हालांकि विवि प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा शुरू होने के बाद किसी भी प्रकार की अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी। इससे सैकड़ों छात्रों का भविष्य अधर में है।
अवध विवि, अयोध्या के परीक्षा नियंत्रक उमानाथ ने बताया कि अवध विवि की परीक्षा समिति की बैठक में प्रवेश प्रतिबंधित 16 महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं को परीक्षा में बैठने की अनुमति प्रदान कर दी गई थी। यह निर्णय छात्र हित को देखते हुए लिया गया था। लेकिन परीक्षा के बाद अब जो प्रवेश प्रतिबंधित महाविद्यालय विवि का चक्कर लगा रहे हैं, उन पर कोई निर्णय नहीं हो सकता है। कारण यह है कि अब परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं।
वहीं अवध विवि परिसर में गनपतसहाय डिग्री कॉलेज सुल्तानपुर के 99 विद्यार्थियों ने प्रवेश पत्र न मिलने को लेकर बुधवार को हंगामा किया। विद्यार्थियों की मांग थी कि उनके प्रवेश पत्र जारी किए जाएं। बातचीत के दौरान विद्यार्थियों ने बताया है कि कॉलेज प्रशासन की गलती का खामियाजा उनको भुगतना पड़ा है। परीक्षा फॉर्म भरे जाने के बावजूद कॉलेज प्रशासन की ओर से परीक्षा फॉर्म को सत्यापित नहीं किया गया। इस कारणवश उनके प्रवेश पत्र जारी नहीं हो सके।
जब परीक्षा के लिए सभी विद्यार्थियों को प्रवेश पत्र मिलने लगे तो 99 छात्रों को प्रवेश पत्र न आने का कारण पता चला। पहले कॉलेज प्रशासन ने विवि प्रशासन से बातचीत की लेकिन परीक्षा फॉर्म के सत्यापित न होने के कारण विवि प्रशासन ने प्रवेश पत्र जारी करने से मना कर दिया। विद्यार्थी बुधवार को हाईकोर्ट का आदेश लेकर विवि पहुंचे और नारेबाजी व प्रदर्शन करने लगे। बाद में परीक्षा नियंत्रक की ओर से हाईकोर्ट के आदेश पर विद्यार्थियों को प्रोविजन प्रवेश जारी करने पड़े। हालांकि इन विद्यार्थियों को परीक्षा परिणाम के लिए हाईकोर्ट के अगले आदेश का इंतजार करना होगा।