अयोध्या। जिला चिकित्सालय के वार्डों में अब छुट्टा जानवरों को भगाने की जिम्मेदारी स्टाफ नर्स की होगी। ‘अमर उजाला’ में बुधवार के अंक में अस्पताल के बर्न वार्ड में छुट्टा जानवर के घूमने की खबर प्रकाशित होने के बाद मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (एसआईसी) ने इसके लिए स्टाफ नर्सों को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
मंगलवार दोपहर एक छुट्टा जानवर जिला अस्पताल में आईसीयू के तरफ से घुस गया। मवेशी प्राइवेट वार्ड से होते हुए बर्न वार्ड तक जा पहुंचा, लेकिन किसी भी कर्मचारी ने उसे रोकने की जहमत नहीं उठाई। अस्पताल में मवेशी के घूमते हुए फोटो प्रकाशित होने के बाद बुधवार को जिला प्रशासन की फटकार के बाद एसआईसी ने सख्ती दिखाई।
प्रमुख अधीक्षक डॉ. रवींद्र कुमार ने सभी वार्डों में पत्र भेजकर छुट्टा जानवरों के प्रवेश पर स्टाफ नर्सों को जिम्मेदार बताया है। साथ ही भविष्य में किसी भी वार्ड में छुट्टा जानवर मिलने पर संबंधित वार्ड की स्टाफ नर्स के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
प्रमुख अधीक्षक डॉ. रवींद्र कुमार ने बताया कि अस्पताल में चौकीदार की नियुक्ति नहीं है। ऐसे में पत्र जारी कर स्टाफ नर्सों को जिम्मेदारी दी गई है। भविष्य में किसी भी वार्ड में छुट्टा जानवर नजर आए तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित स्टाफ नर्स की होगी और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रमुख अधीक्षक ने बताया कि अस्पताल में जल्द ही दो चौकीदार भी तैनात किए जाएंगे।