अयोध्या। जिले में पहली कोरोना मरीज के रूप में सामने आई पूराकलंदर के सनेथू नत्थन का पुरवा गांव निवासी गर्भवती की तीसरी रिपोर्ट भी निगेटिव आने के बाद रविवार सुबह करीब 8:30 बजे उसे जिला महिला अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। हालांकि, महिला में अभी प्रसव से संबंधित किसी प्रकार की समस्या सामने नहीं आ रही है। फिर भी देखभाल के लिए चिकित्सक, स्टाफ नर्स सहित स्वास्थ्यकर्मियों की दो टीमें तैनात की गईं है।
23 अप्रैल को निजी लैब की जांच में कोरोना पॉजिटिव मिली सनेथू नत्थन का पुरवा गांव की गर्भवती महिला की तीसरी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उसे अग्रिम इलाज व देखभाल के लिए रविवार सुबह एंबुलेंस से जिला महिला अस्पताल लाया गया।
महिला अस्पताल की मैटरनिटी विंग में बने कोरोना ओटी के बगल एक अलग कमरे में उसे भर्ती कराया गया है। मौके पर मौजूद सीएमओ डॉ. घनश्याम सिंह व सीएमएस डॉ. एसके शुक्ला ने मरीज को अपनी निगरानी में भर्ती कराकर उसका हाल जाना एवं इलाज के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके शुक्ला ने बताया कि महिला के प्रसव की संभावित तिथि आठ मई है। अभी प्रसव से संबंधित किसी प्रकार की कोई समस्या महिला को नहीं है। उसके इलाज व देखभाल के लिए दो टीमें गठित की गईं हैं। एक टीम में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रंजना खरे, एनेस्थीसिया डॉ. श्वेता गुप्ता, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास अग्रवाल, तीन स्टाफ नर्स, एक वार्ड आया व एक स्वीपर जबकि दूसरे टीम में स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. जोया वर्मा, एनेस्थेसिस्ट डॉ. रिद्धिमा श्रीवास्तव, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सविता बादिल की तैनाती की गई है। बताया कि महिला के संपर्क में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षा किट को अनिवार्य रूप से पहनने का निर्देश दिया गया है।
आज कराया जाएगा चौथा सैंपल
सीएमएस डॉ. एसके शुक्ला ने बताया कि गर्भवती महिला का पॉजिटिव मिलने के बाद छह मई को 14 दिन पूरा होगा। इसलिए सोमवार को उसकी अंतिम जांच कराई जाएगी। यदि उसकी रिपोर्ट भी निगेटिव आई तो उसे सामान्य मरीज के रूप में रखा जाएगा। उससे पहले कोरोना के मानक को ध्यान में रखते हुए उसका इलाज किया जाएगा।