एसडीएम रुदौली अशोक कुमार सिंह ने कानूनगो जनार्दन सिंह के नेतृत्व में पांच सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी है। मामले में रुदौली तहसील के रजिस्ट्रार कानूनगो, एक लेखपाल, बीएलओ और प्रधान पद के भावी प्रत्याशी की संलिप्ता सामने आ रही है।
हलीमनगर से प्रधान प्रत्याशी के घर बैठकर सूची बनने का मामला तहसील में चर्चा का विषय बन गया है। सुपरवाइजर नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि पुनरीक्षण कार्य डोर-टू-डोर निर्धारित तिथि में एक बीएलओ से कराया गया था।
इस बीएलओ ने सर्वे सूची तहसील में जमा कर दी थी। इस सूची को रजिस्ट्रार कानूनगो और बीएलओ इंचार्ज ने मिलकर गायब कर दिया। इस पर आनन-फानन हलीम नगर की आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री सुशीला देवी को बीएलओ बना दिया गया।
उसने सूची बनाने का जिम्मा ग्राम पंचायत चुनाव में प्रधान पद के दावेदार को सौंप दिया गया। इसकी गिनती इलाके के बड़े बदमाशों में है।
प्रधान पद के दावेदार ने मौजूदा प्रधान के परिवार का नाम सूची से काटकर भेलसर सहित दो वार्डों से 400 फर्जी नाम बढ़ा डाले। सूची तहसील में जमा कर दिया।
बीएलओ को इसकी जरा भी भनक नहीं लगी। नई मतदाता सूची का प्रकाशन होते ही गांव में बवाल मच गया। बीएलओ सुशीला देवी ने उनके साथ धोखाधड़ी होने की शिकायत चुनाव आयोग व डीएम तक से की है।
एसडीएम रुदौली अशोक कुमार सिंह का कहना है कि मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित कर दी है। प्रकाशित सूची का विधानसभा की मतदाता सूची से मिलान कराया जा रहा है। जांच में दोषी मिले कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी।