अयोध्या। विभिन्न प्रदेशों में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब जिले में भी बचाव को लेकर जिलाधिकारी ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। खासकर दिल्ली, मुंबई, पंजाब व मध्य प्रदेश से आने वालों की विशेष निगरानी की जाएगी।
इसके लिए रेलवे स्टेशन पर ही कोरोना जांच कराने की रणनीति बनाई गई है। पहले की भांति 24 घंटे कोरोना कंट्रोल रूम संचालित करने व सर्विलांस टीमों को एक्टिव करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
कोरोना से बचाव के साथ लोगों में मास्क व सेनेटाइजर जैसी अनिवार्यता व जरूरत पड़ने पर ही निकलने को लेकर जल्द ही सख्त इंतजाम सामने आ सकते हैं।
जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार करीब दो माह से घटती जा रही है। इन दिनों इक्का-दुक्का मरीज ही पॉजिटिव मिलने से आमजन से लेकर कोरोना योद्धा तक बेफिक्र हो रहे हैं और लोग वैक्सीन लगाने/लगवाने में ही व्यस्त हैं।
वहीं, संक्रमण के दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई तमाम कवायदें भी शिथिल पड़ गई हैं। बाजार, मॉल, अस्पताल, तहसील, कचहरी, रेलवे और बस स्टेशन सहित तमाम सार्वजनिक स्थलों पर भी लोगों के चेहरे पर मास्क नहीं हैं।
न ही इसके प्रति प्रेरित करने वाले ही नजर आ रहे हैं। इस बीच विभिन्न प्रदेशों में कोरोना संक्रमण के मामलों में जबरदस्त वृद्धि सामने आने पर बुधवार को जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने जनपद में कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए संचालित एकीकृत आपदा नियंत्रण केंद्र में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की।
इसमें हाई अलर्ट जारी कर टेस्टिंग व कोविड टीकाकरण पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने डोर-टू-डोर सर्विलांस टीमों को फिर सक्रिय करते हुए बाहर से आने वाले सभी लोगों की पहचान कर संबंधित प्रोफार्मा पर उनका नाम, पता, मोबाइल नंबर सहित संपूर्ण विवरण अंकित करने व कोरोना की जांच कराना सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
डीएम ने जिले में रेलवे स्टेशन पर कोविड-19 से सर्वाधिक प्रभावित राज्यों जैसे दिल्ली, महाराष्ट्र, पंजाब व मध्य प्रदेश आदि राज्यों से आने वाले यात्रियों पर विशेष ध्यान देते हुए विभिन्न प्रदेशों से आने वाले यात्रियों की रेलवे स्टेशन पर ही एंटीजन जांच कराने के साथ-साथ लक्षण युक्त यात्रियों का आरटी पीसीआर जांच भी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिया।
उन्होंने जनपद स्तर पर संचालित कोविड-19 कंट्रोल रूम को पूर्व की भांति संचारित करने और सुबह आठ से रात्रि 10 बजे तक अधिकारियों - कर्मचारियों की तैनाती करने का निर्देश दिया।
बैठक में सीएमओ डॉ. घनश्याम सिंह, जिला विकास अधिकारी हवलदार सिंह, पीडी डीआरडीए शीतला प्रसाद व अन्य चिकित्सकों सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
संक्रमण की चेन तलाशने के लिए अब सैंपलिंग की संख्या बढ़ाकर दो हजार की जाएगी। इनमें प्रतिदिन 1200 एंटीजन व 800 आरटी-पीसीआर जांच की जाएगी। इसके अलावा फोकस्ड सैंपलिंग पर भी जोर दिया जाएगा।
सप्ताह में अलग-अलग तिथियों में ईंट भट्ठा, अलग-अलग चौराहे, विभिन्न इलाकों में कार्य करने वाले मजदूरों, मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों की सैंपलिंग की जाएगी।
कोरोना संक्रमण के मामलों में वृद्धि होने के बाद भी जिले में लोगों को इसका भय नहीं है। भारतीय स्टेट बैंक सिविल लाइंस में बुधवार को तमाम ग्राहक व कर्मचारी बिना मास्क के थे।
वहीं चौक घंटाघर में तमाम खरीदार व राहगीर, स्कूली बच्चे आदि के चेहरे पर मास्क नहीं देखा गया। सार्वजनिक स्थलों, दुकानों, बैंकों, चौराहों आदि पर दो गज की दूरी की धज्जियां उड़ती देखी गईं।
न तो इनमें खुद के जीवन के प्रति परवाह देखी गई ना ही इन्हें सचेत करने वाला कोई नजर आया। विभिन्न प्रदेशों में संक्रमण के मामले बढ़ने पर जिले में भी बचाव की तैयारियां की जा रही हैं। प्रतिदिन करीब दो हजार लोगों की जांच करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बाहर से आने वाले यात्रियों पर विशेष नजर रखते हुए उनकी जांच कराई जाएगी। लोगों को भी स्वयं जागरूक होना चाहिए। मास्क व दो गज की दूरी का विशेष ध्यान रखें और मौका मिलते ही वैक्सीन लगवाएं।-डॉ. घनश्याम सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी, अयोध्या