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हनुमानगढ़ी की सड़क बारिश में कटी

Fri, 28 Aug 2015 11:57 PM IST
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
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इतनी बढ़ी धर्मनगरी हालत गांव से बदतर
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श्री मणिराम दास की छावनी से नया घाट जाने वाला मार्ग पानी में डूबा हुआ है। मठ-मंदिरों में भी पानी घुसने लगा है। बस्ती से घुटने भर पानी में परिवारीजनों समेत जाने को मजबूर रबीस उपाध्याय ने कहा कि इतनी बड़ी धर्मनगरी है, मगर हालत गांव से बदतर। सफदरगंज के दीपाकंर ने कहा कि यह हाल देख लगता है कि रामनगरी को लेकर सरकार कितनी गंभीर है। मणिराम दास छावनी के साधु रामदास कहते हैं कि यहां तो बड़े-बड़े नेता आते हैं, मगर बारिश में आएं तो उन्हें पता चले।

इस सड़क से जाते सबसे अधिक श्रद्धालु
मेले में सर्वाधिक भीड़ के दबाव वाले हनुमानगढ़ी से बड़ा स्थान जाने वाली सड़क बह गई। बिखरी गिट्टियों से छलनी होते हुए श्रद्धालु दर्शन-पूजन को जाने को मजबूर रहे। मुख्य स्नान पर्व पर शनिवार को इसी मार्ग से लाखों श्रद्धालु गुजरेंगे। पानी निकासी न होने से परेशान लोगों ने पालिका प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन भी किया।
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कनक भवन मंदिर के पीछे से तोताद्रिमठ जाने वाले मार्ग पर बारिश से पुरानी बाउंड्रीवाल ढह गई। इससे दीवार के मलबे से मेले में दर्शन-पूजन को आए श्रद्धालुओं की कार व ट्रैक्टर-ट्रॉली क्षतिग्रस्त हो गई। सर्वाधिक  नुकसान कार को हुआ है। दिल्ली से आए परिवार के लोग कार की हालत देख कांप गए। बोले, अगर कार में होते तो क्या होता। श्रीराम की महिमा है कि हम सब दर्शन करने गए हुए थे।

सावन मेला के आखिरी दिन की पूर्व संध्या पर भक्तों का रेला सुबह से ही शुरू हो गया। तेज बारिश भी आस्था की हिलोर नहीं थाम सकी। वहीं, शुक्रवार की सुबह चंद घंटे की मूसलाधार बारिश ने मेला व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। समूची नगरी पानी से तालाब बन गई और नाले-नालियां चोक हो गए।

मुख्य मार्गों से लेकर गली-कूचे के मार्ग पानी में डूब गए। हालात यह रहे कि कई मंदिरों में बारिश का पानी भर गया तो कई मोहल्ले तालाब में तब्दील हो गए।

भारी बारिश के बीच भी श्रद्धालुओं की आस्था परवान पर रही। स्नान घाट से प्रमुख मंदिरों तक श्रद्धालु बारिश में भीगते घुटने भर पानी से होकर अपने आराध्य के दर्शन-पूजन को जुटे रहे। बारिश के बाद भी नगरी के हालात जस के तस रहे।

पालिका व मेला प्रशासन स्तर पर जलनिकासी व सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त रही। मेले में सर्वाधिक भीड़ के दबाव वाले हनुमानगढ़ी से बड़ा स्थान जाने वाली सड़क बह गई। बिखरी गिट्टियों से छलनी होते हुए श्रद्धालु दर्शन-पूजन को जाने को मजबूर रहे।

मुख्य स्नान पर्व पर शनिवार को इसी मार्ग से लाखों श्रद्धालु गुजरेंगे। पानी निकासी न होने से परेशान लोगों ने पालिका प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। बारिश से दीवार गिरने से श्रद्धालुओं की एक कार व ट्रैक्टर-ट्रॉली बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

झमाझम बारिश पर श्रद्धालुओं की आस्था भारी रही। बारिश में भीगते व जलभराव से होते श्रद्धालु अपने आराध्य का पूजन-अर्चन करते और मेला प्रशासन की व्यवस्थाओं को कोसते रहे।

भारी बारिश से नगरी के हालात टापू सरीखे हो गए। श्री मणिराम दास की छावनी से नया घाट जाने वाला मार्ग, वासुदेवघाट चौराहा दीनबंधु चिकित्सालय से कारसेवकपुरम, हनुमानबाग से जानकी महल ट्रस्ट, जानकीघाट मार्ग, रानीबाजार से जैन मंदिर तिराहा, रेलवे स्टेशन मार्ग पानी में डूब गए।

जानकीघाट से छोटी छावनी मार्ग पर स्थित श्रीराम वल्लभा कुंज, जानकीघाट बड़ा स्थान, बड़े हनुमान मंदिर आदि मंदिरों व घरों में बारिश का पानी घुस गया। इन मार्गों पर घुटने भर भरे पानी से होकर श्रद्धालु व निवासी गण होकर गुजरने को मजबूर रहे।
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जलवानपुरा नई कॉलोनी व रेलवे स्टेशन के बगल मिट्ठू का पुरवा तालाब में तब्दील हो गया। बारिश का पानी लोगों के घरों के चारों ओर भर रहा। घरों में घुसे पानी से गुस्साए मिट्ठू का पुरवा के नागरिकों ने पालिका प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन भी किया।
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