अयोध्या। पटना महावीर मंदिर न्यास ने हनुमानगढ़ी अयोध्या से सालाना आय सार्वजनिक करने की मांग की है। न्यास के सचिव पूर्व आईपीएस किशोर कुणाल ने बृहस्पतिवार को पत्रकारों से बताया कि बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड ने पटना के प्रसिद्ध महावीर मंदिर पर हनुमानगढ़ी अयोध्या का दावा विगत दिनों ही खारिज कर दिया है।
कुणाल ने कहा कि हनुमानगढ़ी ने महावीर मंदिर पर अपना दावा ठोका है। इससे उन्हें कोई एतराज नहीं है, लेकिन जिस तरह हनुमानगढ़ी के कुछ संतों ने विगत दिनों एक प्रेसवार्ता कर बेबुनियाद आरोप लगाए थे। अगर इन संतों ने माफी नहीं मांगी और हनुमानगढी अखाड़ा इन पर कार्रवाई नहीं करता है तो हम न्यायालय जाएंगे और मांग करेंगे कि हनुमानगढ़ी अपनी आय सार्वजनिक करे।
किशोर कुणाल ने बताया कि पटना महावीर मंदिर पर हनुमानगढ़ी के दावे का वाद बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड में चल रहा था जिसमें बोर्ड ने गत 23 जून को अपने फैसले में लिखा है कि पटना के महावीर मंदिर का हनुमानगढी, अयोध्या से दूर-दूर तक कोई संबंध न कभी था और न है।
किशोर कुणाल का कहना है कि एक अन्य दस्तावेज जो वाद संख्या 82/73 में भगवान दास का न्यायालय के समक्ष बयान है। उसमें कहीं नहीं उल्लेख है कि उन्हें हनुमानगढ़ी, अयोध्या से महावीर मंदिर के महंत के रूप में नियुक्त करके भेजा गया था और यह भी जिक्र नहीं है कि महावीर मंदिर, पटना अयोध्या हनुमान गढ़ी मंदिर की शाखा है या उसका नियंत्रण वहां से होता है।