पत्रकारों से वार्ता करतीं प्रख्यात कथा वाचक मंदाकिनी रामकिंकर।
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प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी वासुदेवघाट स्थित रामायणम में गुरु पूर्णिमा पर्व को महोत्सव के रूप में मनाए जाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। पर्व पर हर वर्ष की तरह समाज के विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों को पद्मश्री युगतुलसी स्व. पं. रामकिंकर उपाध्याय सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
सोमवार को रामायणम में प्रख्यात कथा वाचिका मंदाकिनी रामकिंकर ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि गुरु पर्व पर आयोजित महोत्सव में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम के साथ सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे।
बताया कि 18 जुलाई को समाज के विशिष्ट व्यक्तियों को पं. रामकिंकर सम्मान से नवाजा जाएगा। इनके नामों की घोषणा समारोह की पूर्व संध्या पर की जाएगी। 19 जुलाई गुरु पूर्णिमा पर सुबह साढ़े छह बजे सद्गुरुदेव का सहस्त्रार्चन, पादुका पूजन, प्रार्थना आदि धार्मिक अनुष्ठान होंगे।
प्रबंध समिति के मंत्री दीपकृष्ण वर्मा व जीआईसी के उपप्रधानाचार्य रमेश श्रीवास्तव ने बताया कि संत मोरारी बापू संत तुलसीदास जी की जयंती पर प्रतिवर्ष गुजरात के महुआ गांव में संत तुलसीदास एवार्ड से सम्मान देते हैं। इस वर्ष यह सम्मान दस अगस्त को मंदाकिनी रामकिंकर को दिया जाएगा।
अहिल्या चरित्र पर होगी रामकथा : मंदाकिनी रामकिंकर ने कहा कि गुरु पूर्णिमा पर्व पर इस वर्ष तीन दिवसीय श्रीरामकथा का प्रवचन 15 से 17 जुलाई तक स्वयंवर लान फैजाबाद में किया जाएगा। बताया कि शाम छह से आठ बजे तक आयोजित कथा अहिल्या चरित्र के प्रसंग पर आधारित होगा। बताया कि अहिल्या चरित्र की कथा में कहीं न कहीं मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम व रामराज और विकास का आदर्श झलकता है।