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नहीं रहे गुजराती बाबा

Fri, 05 Feb 2016 11:52 PM IST
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
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हनुमंत लला की आराधना से प्रसिद्ध संत हंसदास शास्त्री उर्फ गुजराती बाबा (73) का शुक्रवार को पीजीआई लखनऊ में निधन हो गया। गुजराती बाबा का अंतिम संस्कार शनिवार को सरयू तट पर होगा।
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सेवानिवृत आईएएस राजकोट गुजरात के रहने वाले संत हंसदास शास्त्री उर्फ गुजराती बाबा ने नौकरी से स्वैच्छिक अवकाश ले संत रणछोड़दास के शिष्य रामचंद्र डोगरे जी महाराज से गुरुमंत्र प्राप्त कर अध्यात्म की राह पकड़ी।

उनके एक पुत्र राजीव गुजरात में है और पुत्री अस्मिता मुंबई में है। वर्ष 1990 में गुजराती बाबा अयोध्या आए और दिगंबर अखाड़े के पास एक मकान में श्रीमनोकामना सिद्ध आश्रम बनाया। उनके साथ पत्नी मंजुला बेन भी रहने लगीं।
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वर्ष 2008 में उनकी ओपन हार्ट सर्जरी कराई गई। गुजराती बाबा कनक भवन सरकार की सेवा कर सुंदरकांड का पाठ करने लगे। सामाजिक सेवा क्षेत्र में भी सक्रिय रहे।

इनके शिष्यों में पूर्व लोकायुक्त एनके मेहरोत्रा, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जगदीश भल्ला, एमएच कुलश्रेष्ठ, सुधीर कुमार सक्सेना, पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह आदि प्रमुख लोग शामिल रहे हैं।

13 नवंबर को गुजराती बाबा एक शिष्य संग कार से राजकोट गुजरात जाने के लिए लखनऊ जा रहे थे। रामसनेहीघाट व भिटरिया के बीच एक ट्रैक्टर से हुई दुर्घटना में वह और पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका इलाज लखनऊ में चल रहा था। शुक्रवार को सुबह चार बजे पीजीआई में उन्होंने अंतिम सांस ली।

करीब तीन बजे गुजराती बाबा का शव आश्रम पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र, कवि यतींद्र मोहन प्रताप मिश्र, शैलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र, पूर्व आईजी केएम श्रीवास्तव, पूर्व विविध कर निरीक्षक रमाशंकर शुक्ल, बीना पांडेय, विनीत आदि शिष्यों की भीड़ रही।

शनिवार को पूर्वाह्न 11 बजे उनके आश्रम से शवयात्रा निकलेगी, जो क्षीरेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, नागेश्वरनाथ से सरयू तट पर पहुंचेगी, जहां उनका अंतिम संस्कार होगा।
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