ज्यादातर नवसृजित ग्राम पंचायतों के आरक्षित होने की संभावना है। परिसीमन में जिले में कुल 108 नई ग्राम पंचायतों का सृजन हुआ था। जनसंख्या के अवरोही क्रम में सूची तैयार की जाएगी।
इसके बाद ब्लॉक में
जनसंख्या के अवरोही क्रम में सीटों का आरक्षण किए जाने की व्यवस्था है।
राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश पर इन दिनों वार्डों के आरक्षण की कार्रवाई चल
रही है।
आरक्षण की प्रक्रिया में खास बात है कि बनाई गई जनसंख्या की अवरोही सूची में इस बात को चिह्नित किया जाएगा कि अब तक हुए 1995, 2000, 2005 और 2010 के निर्वाचन कौन-कौन सी ग्राम पंचायतें किस वर्ग के लिए आरक्षित की जा चुकी हैं।
प्रथम दृष्टया जिस वर्ग के लिए सीट आरक्षित हो चुकी है उससे बचा जाएगा। साथ ही व्यवस्था यह भी है कि जनसंख्या के अवरोही क्रम में नई सीटों का आरक्षण का क्रम अनुसूचित जाति, जनजाति से शुरू होता है।
अब जिले की नव सृजित ग्राम पंचायतों पर गौर करें तो यह पहली बार सृजित की गई हैं। अब तक इनका कोई आरक्षण नहीं हुआ है। अन्य ग्राम पंचायतें किसी न किसी वर्ग के लिए या फिर सभी वर्गों के लिए कभी न कभी आरक्षित हो चुकी है।
ऐसे में यह नियम के अनुसार फ्रेश सीट होने के कारण पहली बार अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के मानक पर पहले आजमाई जाएंगी। जानकार मानते हैं कि इसी स्टेप के कारण ज्यादातर सीटें पहली बार आरक्षण के दायरे में होने के कारण आरक्षित हो सकती हैं।
ऐसे में ग्राम पंचायतों के सृजन में अहम भूमिका निभाने वाले सामान्य वर्ग की सीट होने पर चुनाव लड़ने की चाहत रखने वाले दिग्गजों को झटका लग सकता है।
जिला पंचायत राज अधिकारी एके सिंह ने बताया कि आरक्षण की प्रक्रिया चल रही है। शासन के निर्देश और तय मानक के अनुसार आरक्षण किया जाएगा।
नियम के मुताबिक नई सीटों पर आरक्षण की प्रक्रिया अनुसूचित जाति से ही शुरू होता है। अब जो भी सीट जिस वर्ग में आएगी उसमें आरक्षित होगी।