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मिलावटी खाद व पेस्टीसाइड की भी बाजार में भरमार

Wed, 29 Jul 2015 11:01 PM IST
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
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कृषि रक्षा इकाई पर भी पेस्टासाइड का अकाल बता निजी दुकानों के हाथों किसानों को बर्बाद किया जा रहा है। नकली धंधे का अनुमान इसी लगा सकते हैं कि बीते महीनों में हुई कार्रवाई के बाद जिले में 24 खाद की दुकानों के लाइसेंस निरस्त किए गए। लेकिन पेस्टीसाइड को लेकर विभाग की सक्रियता जिले में कम है।   
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खेती में जब खाद की आवश्यकता होती है तो अक्सर खाद की कमी हो जाती है। इस साल अभी बारिश नहीं हुई है। विभाग के मुताबिक 29 हजार एमटी यूरिया के सापेक्ष लगभग 28 हजार मीट्रिक टन खाद जिले में मौजूद है। लेकिन किसानों की सबसे विश्वसनीय सहकारी समितियों पर यूरिया का अकाल है।

किसान भटक रहे हैं। समिति के कर्मचारी मजबूरन इधर-उधर भाग रहे हैं। खाद की उपलब्धता और मूल्य नियंत्रण को लेकर पिछले दो दिनों से कृषि विभाग ने अभियान शुरू किया है। अब तक दर्जन भर से ज्यादा नमून भरे गए हैं। विभाग के अफसर क्षेत्रों के दौरे पर बताए गए हैं।
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जिले में रासायनिक खाद की दुकानों की संख्या तो 700 है। लगभग इतनी ही संख्या में पेस्टीसाइड की दुकानें भी है। किसी भी बाजार से गांव के चौराहे तक पेस्टीसाइड की दुकानें देखी जा सकती है। किसी पर बोर्ड दिखता है तो कुछ पर यह नहीं होता है।

गांव का किसान लाइसेंसी और गैर लाइसेंसी दुकान की पहचान में उलझ कर दवाएं इन्हीं दुकानों से खरीद रहा है। लाभ के लिए खुली इन दुकानों पर बिकने वाली दवाएं अधोमानक होने के कारण वह खेत में डालने पर काम नहीं करती है।

पिछले वर्ष कई किसानों से इसकी शिकायत सुनने में आई थी। धान में खरपतवार नाशक और गेहूं में गेहूं का मामा को नष्ट करने के लिए डाली गई दवाएं कारगर नहीं साबित हुई थी। शिकायत के बाद कुछ दुकानों पर छापे भी पड़े। दर्जन भर दुकानों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात बताई गई।

 लेकिन मसौधा क्षेत्र की कई दुकानों का मामला नमूने के बाद कार्रवाई तक नहीं पहुंचा था। दो साल में 150 से ज्यादा खाद की दुकानों के नमूने भरे गए थे। इनमें विभिन्न खामियों को लेकर गत वर्ष ही 24 दुकानों के लाइसेंस निरस्त किए गए।

इसी तरह पेस्टीसाइड को लेकर 125  से ज्यादा छापे का कार्रवाई की गई थी। इनमें से 48 के खिलाफ कार्रवाई की बात बताई गई। मसौधा क्षेत्र के किसान राम अकबाल वर्मा, नैपुरा के पूर्व प्रधान वंश बहादुर वर्मा ने सहकारी समितियों पर खाद न होने की शिकायत अफसरों से की है।

अंकवारा के धनी राम और कृष्ण कुमार पटेल ने सांसद सहित अन्य को शिकायती पत्र सौंपा है। सोहावल के ओपी सिंह, राजनाथ कहते हैं कि बारिश नहीं हो रही है।

किसान परेशान है। लेकिन जो फसल बचाई भी जा रही है वह समिति पर खाद न होने से परेशानी होगी। भाकियू के वरिष्ठ नेता घनश्याम वर्मा बताते हैं कि खाद एवं बीज को लेकर किसान दिवस में भी शिकायत की गई थी।

नकली दवाओं का मुद्दा उठाया था। कार्रवाई कुछ दूरी चलने के बाद ठहर गई। किसान नेता कृष्ण चंद्र वर्मा का कहना है कि पेस्टीसाइड के मामलों में अक्सर नकली होने की शिकायत आती रही हैं।

पंचायत में इसे उठाने के बाद विभाग थोड़े दिन सक्रिय रहता है उसके बाद फिर पुरानी रुटीन हो जाती है। नेताओं का कहना है कि इसके लिए निरंतर जांच और कार्रवाई की जानी चाहिए।

सहायक निबंधक सहकारिता एनके गुप्ता कहते हैं कि यह बात सही है कि इस समय समितियों पर खाद नहीं है। अगले कुछ दिनों में रैक आने वाली है। फिर समस्या का समाधान हो जाएगा।
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