विश्व एड्स दिवस पर मंगलवार को जिला अस्पताल से गांधी पार्क तक जागरूकता रैली निकाली गयी। एड्स से बचाव के लिए गोष्ठी भी हुई, किशोरों और युवाओं को बचाव के उपाय और साधन बताए गए।
सीएचसी और पीएचसी पर भी कार्यक्रम हुए। इस बीच स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जागरूकता के चलते जिले में एड्स पीड़ित मरीजों की संख्या में कमी आई है।
जिले में एक जनवरी से 30 नवंबर तक 323 एचआईवी संक्रमित लोग मिले। इनमें से 178 की एआरटी (एंटी रैक्ट्रोवायरल थेरेपी) की जा रही है।
विश्व एड्स दिवस पर सुबह सीएमओ डॉ. प्रमोद कुमार द्वारा हरी झंडी दिखाये जाने के बाद जिला अस्पताल से गांधी पार्क तक निकली जागरूकता रैली वहां सभा में बदल गई।
रैली में राजकीय पॉलीटेक्निक, साकेत महाविद्यालय, मनूचा गर्ल्स डिग्री कॉलेज, झुनझुनवाला, जीआईसी, साहबदीन सीताराम इंटर कॉलेज, बापू बालिका की छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।
इसके अलावा पीएमएस के सचिव डा. रामकिशोर, डा. नानकसरन भी शामिल हुए। सभा में विद्यार्थियों ने एड्स के प्रति चेतना फैलाने व पीड़ितों के प्रति भेदभाव न करने का संकल्प लिया।
फैजाबाद मंडल में आने वाले फैजाबाद, अंबेडकरनगर, गोंडा, बस्ती और सुल्तानपुर जिलों में 611 पीड़ित चिह्नित किये गये। इनमें से 478 की एआरटी चल रही है।
जिला क्षय रोग अस्पताल में तैनात एचआईवी कोऑर्डिनेटर एवं पीएमडीटी रमेश मिश्र ने कहा कि जागरूकता के चलते एड्स संक्रमित व्यक्ति की संख्या घटी है।
इसके बावजूद लाइलाज एड्स व एचआईवी पर काम करने की जरूरत है। एड्स पीड़ित देशों में अफ्रीका, नाइजीरिया के बाद भारत का नंबर तीसरा है।
अयोध्या में कुछ दिन पहले ही दांपत्य जीवन में प्रवेश करने वाले पति-पत्नी दोनों एचआईवी संक्रमित मिले थे। ऐसे में किशोरों और युवाओं के बीच जागरूकता फैलाये जाने की सबसे जरूरत है।
कहा, एड्स से संक्रमित होने के चार कारण आज हर किसी को मालूम हैं। अधिकारियों के बजाय किशोरों और युवाओं के बीच जागरूकता अभियान और गोष्ठियां होने पर सबसे अधिक लाभ होगा।