तारुन के जिला पंचायत क्षेत्र की दो अनारक्षित सीटों पर भी मतदाताओं ने सामान्य वर्ग के प्रत्याशियों पर भरोसा नहीं जताया। तारुन चतुर्थ अनारक्षित सीट पर भाजपा और बासपा ने सवर्ण उम्मीदवार उतारे थे। जिनमें से मणीन्द्र शुक्ला बसपा, हर्षवर्धन सिंह भाजपा के समर्थित प्रत्याशी थे लेकिन सपा के गंगाराम वर्मा ने जीत दर्ज की। यहां तक की सामान्य वर्ग के प्रत्याशियों को दूसरा स्थान भी नहीं मयस्सर हो सका।
इस सीट पर दूसरे स्थान पर लोक गायक निर्दल प्रत्याशी राम स्वरूप गौड़ रहे। तारुन द्वितीय पर भाजपा ने फ्री फाइट कराई थी लेकिन पांच सवर्ण भाजपा प्रत्याशी बनकर चुनाव लड़े। बसपा से बगावत कर चुनाव जीते कमलाबागी के सिर पर जीत का सेहरा बंधा। यहां भी दूसरे स्थान पर कोई सवर्ण प्रत्याशी जगी नहीं बना सका। दूसरे व तीसरे स्थान पर भी पिछड़े वर्ग के प्रत्याशी ही अपना स्थान बनाने में सफल रहे।
भाजपा को भारी पड़ी तारुन द्वितीय पर फ्री फाइट
तारुन। तारुन द्वितीय जिला पंचायत सीट पर भाजपा को फ्री फाइट करना मंहगा पड़ा। भाजपा के पांच कार्यकर्ताओं ने चुनाव मैदान में उतरकर कुल 6020 मत तो प्राप्त कर लिया। बावजूद पार्टी के खाते में जीत नहीं दर्ज करा सके। बसपा के बागी कमला प्रसाद 4000 मत पाकर जिले की सबसे बड़ी पंचायत की कुर्सी पर आसीन हो गए।
टिकट बटवारे में एका न होने पर भाजपा को परिणाम भुगतना पड़ा। भाजपा के सुरेश सिंह कक्कू को 2757, संजय तिवारी को 1431, बैजनाथ पांडेय को 1103, शिव प्रसाद सिंह को 525, तथा किरन सिंह को 204 वोट मिला। सभी के वोटों को जोड़ा जाय तो भाजपा के खाते में 6020 मत आ गए। जो जीते हुए प्रत्याशी से डेढ़ गुना अधिक है।
भाजपा विरोधियों पर हो सकती कार्यवाही
तारुन। भाजपा समर्थित प्रत्याशियों का विरोध कर दल विरोधी कार्य करने वाले भाजपा नेताओं को पार्टी चिह्नित कर उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करेगी। पार्टी सूत्रों ने बताया कि जिन लोगों ने दलीय निष्ठा को तार तार कर पार्टी विरोधी काम किया है उनसे जवाब तलब किया जायेगा। भाजपा सूत्रों ने बताया कि कार्यवाही की जद में कई प्रमुख पदाधिकारी भी आ सकते है। जो अपने बचाव के लिए आकाओं की गणेश परिक्रमा करना शुरू भी कर दिये है।