प्रभागीय वनाधिकारी डा. रवि कुमार सिंह ने बताया कि जानकारी पर अमेठी पहुंची वन विभाग की टीम ने 21 सितंबर को डॉल्फिन को अपने कब्जे में ले लिया था।
डॉल्फिन की लंबाई छह फिट और वजन 70 किलो था। उसी दिन रात लगभग साढ़े आठ बजे टीएसए टीम के डॉ. भाष्कर दीक्षित की देखरेख में सफलतापूर्वक नयाघाट सरयू के प्राकृतिक जल में छोड़ दिया गया।
उन्होंने बताया कि डॉल्फिन सेंसस कार्यक्रम के तहत गंगा एवं उसकी सहायक नदियों में डॉल्फिन गणना का कार्य पांच से आठ अक्तूबर तक किया जाएगा। इस कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के प्रतिनिधि सीनियर मैनेजर जैव विविधता डा. असगर नवाब ने 21 व 22 सितंबर को वन प्रभाग फैजाबाद के दो डिप्टी रेंजर, तीन वन दरोगा, एक वनरक्षक और एनजीओ अवध वाइल्ड लाइफ एवं फॉरेस्ट कंजर्वेशन सोसाइटी गोंडा को कतर्नियाघाट में प्रशिक्षण दिया है।