घना कोहरा और सर्द हवा चलने से सोमवार का दिन सीजन का अब तक का सबसे ठंडा दिन रहा। पारा लुढ़कने से अधिकतम तापमान जहां 23 डिग्री पर आ गया वहीं न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
जरूरी काम से और जल्दी पहुंचने के फेर में घरों से बाहर निकले रेल और बस यात्रियों का शेड्यूल घने कोहरे के चलते गड़बड़ा गया। ट्रेन के सही समय से आने की उम्मीद में टिकट लेकर स्टेशन पर बैठे यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
भोर से गहराये कोहरे की चादर से लोग परेशान रहे। रोज कमाने-खाने वाले गरीबों और रेल-बस यात्रियों को दिक्कतें झेलनी पड़ीं। दोपहर तक घना कोहरा छाया रहा। इसके बाद बदली रहने से ठंड भी बढ़ गई है।
सोमवार की सुबह घने कोहरे व ठंड के बीच बच्चे स्कूलों को निकले, तो कांप उठे। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर यात्री शेडों के नीचे और खुले में बैठे रहे। ट्रैक पर ट्रेनें और सड़कों पर वाहन लाइट जलाकर रेंगते गुजरे।
हालात इतने खराब कि कई ट्रेनें तीन से 13 घंटे की देरी से चलीं। रोडवेज, रेलवे, चौक, सिविल लाइंस, कचहरी, नाका आदि भीड़ भरे स्थानों पर लोग कांपते नजर आए।
मगर प्रशासन व नगर पालिका की ओर से कहीं भी अलाव के इंतजाम नहीं हो पाए हैं। लोग जगह-जगह कागज, टायर व लकड़ी आदि का इंतजाम कर अलाव जलाते दिखे। कचहरी में कई वकील खुद अलाव जलाकर हाथ सेंकते नजर आये।