गुरुवार को नये वर्ष की पूर्व सुबह पर सर्दी के मौसम में दूसरी बार शहर, बाजार और गांव कोहरे की चादर से ढक गये। कोहरे के कारण सुबह साढ़े नौ बजे तक वाहनों व ट्रेनों में सवार यात्रियों को दुश्वारियां झेलनी पड़ीं। इस दौरान इनकी रफ्तार थमी रही।
नरेंद्र देव कृषि विवि कुमारगंज के मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक डा. अमरनाथ मिश्र ने कहा कि शुक्रवार को भी मौसम के ऐसे ही रहने के आसार हैं। बादल रहने के साथ ही सुबह-शाम कोहरा रह सकता है।
फिलहाल अभी तो पछुआ हवा चलने से वातावरण में ठंड और आ सकती है। अधिकतम आर्द्रता सौ तो न्यूनतम 40 फीसदी पर पहुंच गयी है। उधर कोहरा रहने से ट्रेनों और बसों से सफर करने वालों की मुश्किलें बढ़ गईं।
इनके चालकों की दृश्यता कोहरे से घट गयी। वाहन के आगे कुछ भी नहीं दिख रहा था। कोहरे के कारण दिल्ली, देहरादून और अमृतसर से चलने वाली ट्रेनें कई घंटे देर से पहुंचीं।
दिल्ली-आजमगढ़ कैफियात एक्सप्रेस पांच घंटा, डाउन अमृतसर-जयनगर सरयू-यमुना एक्सप्रेस पांच घंटा, डाउन दिल्ली-मुजफ्फरपुर सद्भावना एक्सप्रेस चार घंटे और देहरादून-हावड़ा दून एक्सप्रेस दो घंटे लेट रही।