जिस मां-बाप के हाथों में वह सबसे सुरक्षित रहती थी, वही तांत्रिकों के चक्कर में एक दिन अपने हाथों से पटक-पटक कर मार डालेंगे। छोटे भाई ने घर-गांव की पीड़ा सुनाई तो लोग दंपती के कारनामे से कांप जा रहे थे।
उनका कहना था कि काश पहले से पता होता कि ऐसा भी कुछ होगा, तो शांति को उनके साथ जाने नहीं देते। मूलचंद के बड़े भाई जयचंद भी घटना को लेकर स्तब्ध था। बताया कि चार भाइयों में सबसे छोटा मूलचंद रोहतक में छह-सात सालों से पेंट व फर्नीचर का काम करता था।
वहां पर श्मशान घाट के बगल कमरा लेकर रहता था। वर्ष 2014 में उसका विवाह सुशीला निवासी जमुहीं जिला आजमगढ़ से हुआ था। पत्नी के गर्भवती होने पर मां को डिलीवरी के लिए लेकर रोहतक गया था और वहां पर बच्ची शांति का जन्म हुआ।
इस बीच पत्नी सुशीला की तबियत बिगड़ी तो वह तंत्र-मंत्र के फेर में पड़ गया। कुछ माह बाद पत्नी मायके चली गई। चार दिनों पूर्व ही वह रोहतक से घर आया था। वह और पत्नी कमरे में ही बच्ची के साथ कई-कई घंटे तक बंद रहते थे। मंगलवार की सुबह पत्नी के साथ निकला था, हम लोगों ने समझा रोहतक जा रहा है।
घर पर दादी को पता चलेगा कि शांति के साथ ऐसा हुआ तो क्या होगा। कोतवाल नरेंद्र सिंह ने बताया कि मानसिक रूप से विक्षिप्त दंपती मूलचंद चौरसिया निवासी लालमनपुर राजेसुल्तानपुर अंबेडकरनगर व उसकी पत्नी सुशीला को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।