शुक्रवार को कोटसराय में आग लगने के बाद जलकर राख हुआ घर का सामान।
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कोटसराय गांव निवासी एक बुजुर्ग महिला की मौत को लेकर उसके नाते-रिश्तेदार मातम मना रहे थे। इधर वृद्धा का शव अंतिम संस्कार के लिए घाट पहुंचा कि उधर एक मकान में आग लग गई। आग की लपटें तेज हुईं तो एक-एक कर पांचों भाइयों के आशियाने को आगोश में ले लिया। कीमती सामानों को बचाने की जद्दोजहद में एक युवक गंभीर रूप से झुलस गया। झुलसे युवक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
वाकया शहर से सटे सोहावल तहसील के गांव कोटसराय का है। कोटसराय गांव निवासी त्रिभुवन यादव के पांचों लड़कों ने पैतृक आवास में बंटवारे के बाद अलग-अलग मकान बना रखे हैं। गुरुवार की शाम गांव में ही रह रही रिश्ते में बुआ की मौत की खबर पर पांच भाई व उनका परिवार रात से ही मातम मना रहा था और घर की महिलाएं भी मृतका के घर पर थीं।
शुक्रवार की सुबह सभी लोग शव को लेकर अंतिम संस्कार के लिए कैंट थाना क्षेत्र स्थित जमथरा घाट पहुंच गये। गांव में केवल छोटा भाई मनोज ही बचा था। इसी बीच एक भाई के आशियाने के छप्पर में आग लगी और पछुआ हवा के बीच थोड़ी ही देर में लपटें विकराल हो गईं और आसपास के आशियानों को अपने आगोश में ले लिया।
आग लगने की खबर पर 22 वर्षीय मनोज कुमार घर के सामने पहुंचा तो माजरा देख बदहवास हो गया। घर में रखे कीमती सामनों को बचाने की जद्दोजहद में घर में घुसा तो गंभीर रूप से झुलस गया। गांव वालों ने आग पर काबू पाने की कवायद शुरू की और सूचना अग्निशमन दस्ते को दी।
जब तक अग्निशमन दस्ता पहुंचता गांव वालों ने कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पा लिया। हालांकि घर में रखे सामान को बचा नहीं सके। आग लगने से परिवार के बेचूराम, तिलकराम, शिवशंकर, हरिशंकर व मनोज कुमार के घरों के सामान जले हैं। ग्राम प्रधान के साथ पहुंचे हलका लेखपाल ने क्षति का आकंलन किया है। अग्निशमन अधिकारी एनपी सिंह का कहना है कि सूचना पर फायर दस्ते को मौके पर भेजा गया। आग लगने से हुई क्षति का आकलन कराया जा रहा है।